TCL कॉलेज में ‘सेवा के रंग’ रंगोली प्रतियोगिता: प्राकृतिक रंगों से उकेरा विकसित भारत, ज्ञानदीप कॉलेज बना चैंपियन

रासायनिक रंगों की जगह पत्तियों, फूलों और दालों का किया उपयोग; जाजल्यदेव कन्या कॉलेज दूसरे और TCL कॉलेज तीसरे स्थान पर रहा
🔴 आज की बात News | जांजगीर चाम्पा। सेवा संकल्प अभियान के तहत शनिवार को शासकीय टीसीएल (TCL) स्नातकोत्तर महाविद्यालय जांजगीर में ‘सेवा के रंग’ कार्यक्रम के अंतर्गत भव्य रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। ‘विकसित भारत’ थीम पर आधारित इस प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न महाविद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं ने अपनी अनूठी रचनात्मकता और कल्पनाशीलता का शानदार प्रदर्शन किया।
प्राकृतिक सामग्रियों से तैयार की गईं आकर्षक रंगोलियां
प्रतियोगिता का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा अपनाई गई पर्यावरण-अनुकूल पद्धति रही। प्रतिभागियों ने बाजार में मिलने वाले रासायनिक रंगों का बहिष्कार करते हुए पेड़ की पत्तियों, ताजे फूलों, चावल के आटे, विभिन्न प्रकार की दालों और चायपत्ती जैसी प्राकृतिक सामग्रियों से रंगोलियां तैयार कीं। इन कृतियों के जरिए स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, स्वावलंबन और मजबूत भारत के निर्माण का स्पष्ट संदेश दिया गया।
‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ थीम ने जीता प्रथम पुरस्कार
प्रतियोगिता में ज्ञानदीप महाविद्यालय ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन की बदौलत प्रथम स्थान हासिल किया। ज्ञानदीप कॉलेज की टीम ने ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ थीम पर रंगोली बनाई थी। वहीं ‘एक पेड़ मां के नाम’ थीम पर रंगोली सजाकर शासकीय जाजल्यदेव कन्या महाविद्यालय ने द्वितीय और ‘उज्ज्वला योजना’ को खूबसूरती से प्रदर्शित कर शासकीय टीसीएल पीजी महाविद्यालय ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
अतिथियों और शिक्षकों की रही गरिमामयी मौजूदगी
कार्यक्रम ‘सेवा के रंग’ के जिला संयोजक एवं जिला भाजपा मीडिया प्रभारी राकेश रूपवानी के निर्देशन में संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल कला प्रदर्शन तक सीमित नहीं था, बल्कि यह छात्रों के सामाजिक सरोकार और विकसित भारत के प्रति उनकी संकल्पबद्ध सोच का सशक्त प्रकटीकरण था।
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष अम्बेश जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यलता मिरी, जिला महामंत्री श्रीमती नंदिनी राजवाड़े, आशुतोष गोस्वामी, पुष्पेंद्र प्रताप सिंह, विकास शर्मा, प्रियंका सिंह, डॉ. धनेश्वरी जागृति, मेघा यादव, गोलू दुबे और प्रदीप राठौर सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के सफल संचालन में टीसीएल महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. डी.आर. लहरे, कार्यक्रम प्रभारी अभय सिन्हा और प्राध्यापकों का विशेष योगदान रहा।





