चांपा पुलिस का बड़ा धमाका: नशीली गोलियों के सौदागरों पर ‘End-to-End’ वार, कोरबा के 2 और आरोपी सलाखों के पीछे!

जांजगीर-चांपा। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चांपा पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के कुशल निर्देशन में चलाए जा रहे ‘End-to-End’ इन्वेस्टिगेशन के तहत पुलिस ने कोरबा से दो और मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है।
क्या है पूरा मामला?
इस मामले की शुरुआत 10 फरवरी 2026 को हुई थी, जब पुलिस ने कोसमंदा रोड पर घेराबंदी कर रामकिशोर कश्यप और प्रदीप पटेल को 3752 नग नशीली कैप्सूल के साथ गिरफ्तार किया था। वे पल्सर बाइक पर कोरबा से नशा लेकर आ रहे थे। पुलिस यहीं नहीं रुकी, बल्कि यह माल कहाँ से आया और कौन इसे सप्लाई कर रहा था, इसकी ‘एंड-टू-एंड’ जांच शुरू की गई।
कोरबा से जुड़े तार, ये दो आरोपी भी गिरफ्तार
विवेचना के दौरान पुलिस की रडार पर कोरबा के दो और नाम आए। चांपा पुलिस ने घेराबंदी कर इन्हें हिरासत में लिया प्रकाश चौहान (32 वर्ष): निवासी जेपी कॉलोनी, रामनगर, कोरबा। सुनील विश्वकर्मा उर्फ शिबू (27 वर्ष): निवासी रामसागर पारा, कोरबा। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने उनके कब्जे से 880 नग नशीली कैप्सूल (कीमत ₹8200) बरामद की। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस की बड़ी कामयाबी
नशे के इस नेटवर्क को ध्वस्त करने में थाना प्रभारी चांपा निरीक्षक अशोक वैष्णव और उनकी टीम की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि नशे के सौदागर चाहे कहीं भी छिपे हों, उन्हें जड़ से उखाड़ फेंका जाएगा।




