राजधानी में सबसे पहले श्री दूधाधारी मठ के सामने हुआ होलिका दहन; यहीं की अग्नि से पूरे रायपुर में जलती है होली!

रायपुर | 03 मार्च 2026 । छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ‘होलिका दहन’ का पर्व अपनी प्राचीन गरिमा और परंपरा के साथ मनाया गया। रायपुर की सबसे पुरानी और गौरवशाली परंपरा का निर्वाह करते हुए श्री दूधाधारी मठ के सामने विधिवत होलिका दहन संपन्न हुआ। सोमवार, 2 मार्च की मध्यरात्रि 1:26 बजे महामंडलेश्वर राजेश्री महंत रामसुन्दर दास जी महाराज अपने सहयोगियों के साथ दहन स्थल पर पहुँचे। उन्होंने शास्त्रों के अनुसार विधिवत पूजा-अर्चना की, जिसके बाद सभी ने होलिका की परिक्रमा की और शुभ मुहूर्त में अग्नि प्रज्वलित की गई।
यहीं से जाती है पूरे नगर में होली की अग्नि
उल्लेखनीय है कि रायपुर में सबसे पहले श्री दूधाधारी मठ के सामने ही होलिका दहन किया जाता है। यह परंपरा दशकों पुरानी है कि नगर के विभिन्न मोहल्लों से लोग यहाँ पहुँचते हैं और मठ की पवित्र अग्नि लेकर अपने-अपने स्थानों पर होलिका दहन के लिए रवाना होते हैं। इस अवसर पर लोगों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर बधाई दी और महाराज जी का आशीर्वाद लिया।
कल मनेगा रंगोत्सव
राजेश्री महंत जी ने बताया कि 3 मार्च को खंडग्रास चंद्र ग्रहण के सूतक लगने के कारण सुबह 9:00 बजे ही मंदिरों के पट बंद कर दिए गए हैं। ग्रहण मोक्ष के बाद शाम 7:30 बजे मंदिर पुनः दर्शनार्थियों के लिए खुलेंगे। इस वर्ष चंद्र ग्रहण के प्रभाव के कारण रंगों वाली होली यानी रंगोत्सव 4 मार्च को मनाया जाएगा। महाराज जी ने समस्त देशवासियों को होलिका उत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई संदेश दिया है।




