गृह निर्माण मंडल संशोधन विधेयक 2026 विधानसभा से पारित, आवास और शहरी अधोसंरचना विकास को मिलेगी नई गति

रायपुर, 19 मार्च। छत्तीसगढ़ में आवास और शहरी अधोसंरचना विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से वित्त मंत्री OP Choudhary द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (संशोधन) विधेयक 2026 को विधानसभा में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। सदन में जानकारी देते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि यह संशोधन गृह निर्माण मंडल की भूमिका का विस्तार करेगा और उसे एक आधुनिक एवं बहुआयामी इंफ्रास्ट्रक्चर एजेंसी के रूप में विकसित करने में मदद करेगा।
उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में मंडल द्वारा लगभग 3,050 करोड़ रुपये की लागत से 78 नई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। राज्य सरकार ने 735 करोड़ रुपये का ऋण भुगतान कर मंडल को ऋणमुक्त किया है। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY 2.0) के तहत 2,000 ईडब्ल्यूएस आवासों के निर्माण को स्वीकृति मिली है।
मंत्री ने कहा कि 650 करोड़ रुपये से अधिक की 6 रिडेवलपमेंट परियोजनाओं की डीपीआर तैयार की जा चुकी है। नवंबर 2025 में आयोजित आवास मेले में 2,060 करोड़ रुपये की 56 परियोजनाएं शुरू की गईं, जिनमें हजारों संपत्तियों की बुकिंग और आवंटन भी हो चुका है। वर्तमान में मंडल प्रदेश के अधिकांश जिलों में सक्रिय है।
आधुनिक विकास मॉडल को मिलेगा बढ़ावा
संशोधन के तहत मंडल को टाउन प्लानिंग, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP), जॉइंट वेंचर, रिडेवलपमेंट और स्लम पुनर्विकास जैसे आधुनिक विकास मॉडल अपनाने की अनुमति दी गई है।
वित्त मंत्री ने कहा कि यह संशोधन राज्य में सुनियोजित, टिकाऊ और समावेशी शहरी विकास को बढ़ावा देगा, जिससे आम नागरिकों को बेहतर आवास और आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी।




