RTI की आड़ में वसूली का खेल, सरपंच-सचिव संघ ने खोला मोर्चा; SP और CM से की लिखित शिकायत

जांजगीर-चांपा। जिले में पत्रकारिता और सूचना का अधिकार (RTI) की आड़ में अवैध वसूली और भयादोहन का एक बड़ा मामला सामने आया है। जांजगीर-चांपा जिले के सरपंच और सचिव संघ ने लामबंद होकर रायगढ़, खरसिया और बलौदाबाजार सहित स्थानीय स्तर पर सक्रिय कुछ तथाकथित व्यक्तियों के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है।
सरपंच-सचिवों का आरोप है कि कुछ लोग खुद को पत्रकार बताकर पंचायतों में धड़ल्ले से RTI आवेदन लगा रहे हैं। इनका उद्देश्य जानकारी प्राप्त करना नहीं, बल्कि पंचायत प्रतिनिधियों को डरा-धमकाकर उनसे मोटी रकम वसूलना है। आवेदन में स्पष्ट किया गया है कि सूचना का अधिकार जैसे कानून का दुरुपयोग निजी स्वार्थ और ब्लैकमेलिंग के लिए किया जा रहा है।
प्रशासन के हर बड़े दरवाजे पर दी दस्तक:
शिकायत की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी प्रतिलिपि मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन, सूचना एवं प्रसारण मंत्री, राज्य सूचना आयोग रायपुर, आईजी बिलासपुर, कलेक्टर, एसपी, जिला पंचायत सीईओ सहित आयकर विभाग और जीएसटी ऑफिस तक को भेजी गई है।
उग्र आंदोलन की चेतावनी:
सचिव और सरपंच संघ ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि इन “ब्लैकमेलरों” पर तत्काल दंडात्मक कार्यवाही नहीं की गई, तो जिलेभर के पंचायत प्रतिनिधि उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। संघ ने साफ किया है कि इस दौरान होने वाली किसी भी अव्यवस्था की संपूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
इतने बड़े पैमाने पर हुई शिकायत के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। अब देखना यह होगा कि पुलिस और जिला प्रशासन इन तथाकथित ‘आरटीआई कार्यकर्ताओं’ और ‘फर्जी पत्रकारों’ पर क्या शिकंजा कसता है।




