शिक्षकों के नवाचारों से संवरेगी जिले की शिक्षा व्यवस्था: कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने तैयार की नई कार्ययोजना, उत्कृष्ट शिक्षक सम्मानित

ज्ञानदीप और शिक्षा दूत पुरस्कृत शिक्षकों के साथ कार्यशाला में हुआ सीधा संवाद; स्कूलों में किचन गार्डन और ओपन बुक टेस्ट पर जोर
जांजगीर-चांपा, 8 सितंबर:। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और बोर्ड परीक्षा परिणामों को बेहतर करने के उद्देश्य से पुरस्कृत शिक्षकों के साथ विशेष कार्यशाला आयोजित की। संवाद एवं कार्ययोजना कार्यक्रम में ज्ञानदीप व शिक्षा दूत से सम्मानित शिक्षकों ने कबाड़ से जुगाड़, मुस्कान पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास और जादुई पिटारा जैसे अभिनव शैक्षणिक प्रयोगों को साझा किया। कलेक्टर ने शिक्षकों के इन प्रयासों की सराहना करते हुए स्पष्ट कहा कि उत्कृष्ट कार्य केवल फाइलों और चर्चाओं तक सीमित न रहें, बल्कि उनका असर धरातल पर कक्षाओं में नजर आना चाहिए।
कमजोर बच्चों के लिए विशेष शिक्षण और किचन गार्डन के निर्देश
बैठक के दौरान कलेक्टर ने कमजोर विद्यार्थियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष रणनीति बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सुझाव दिया कि बच्चों में परीक्षा का डर खत्म करने के लिए किताबों के साथ टेस्ट (ओपन बुक टेस्ट) की व्यवस्था की जाए, ताकि उनमें अध्ययन के प्रति रुचि जागृत हो सके। इसके साथ ही उन्होंने पर्यावरण और पोषण से जोड़ने के लिए जिले के सभी विद्यालयों में अनिवार्य रूप से किचन गार्डन विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हो सके।
जिला परीक्षा समिति को कड़े निर्देश और शिक्षकों का सम्मान
कलेक्टर ने जिला परीक्षा समिति को निर्देशित करते हुए कहा कि कमजोर बच्चों की पहचान कर उनके लिए अतिरिक्त कक्षाएं और नियमित अभ्यास कराया जाए। उन्होंने गणित, भूगोल और अर्थशास्त्र जैसे विषयों को रोचक बनाने के साथ विद्यार्थियों की कम्युनिकेशन स्किल और नैतिक मूल्यों पर ध्यान देने का आह्वान किया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया, जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा सहित सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी और शिक्षक उपस्थित रहे।




