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सगी बेटी से दरिंदगी करने वाले हैवान पिता को रायपुर कोर्ट ने सुनाई अंतिम सांस तक कैद की सजा

फास्ट ट्रैक कोर्ट का कड़ा रुख; न्यायाधीश विनय प्रधान की अदालत ने लगाया 500 रुपये का अर्थदंड भी, 2018 से कर रहा था शोषण

🔴 रायपुर। अपनी ही नाबालिग बेटी के साथ कई वर्षों तक देह शोषण और दुष्कर्म करने वाले 47 वर्षीय कलयुगी पिता को रायपुर की स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने कठोरतम सजा सुनाई है। न्यायाधीश विनय प्रधान की अदालत ने मामले को बेहद गंभीर और घृणित मानते हुए आरोपी को अंतिम सांस तक जेल में रहने की सजा (आजीवन कारावास) सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपी पर 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना राशि अदा नहीं करने की स्थिति में दोषी को एक महीने का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

4 साल तक मासूम बेटी को बनाता रहा हवस का शिकार

अभियोजन पक्ष द्वारा कोर्ट में प्रस्तुत तथ्यों के अनुसार, हैवान पिता वर्ष 2018 से अपनी सगी बेटी का लगातार यौन शोषण कर रहा था। दरिंदगी की हदें तब पार हो गईं जब 30 नवंबर 2022 की रात आरोपी ने घर में मौजूद अपने बेटे के साथ मारपीट की और उसे घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद घर में अकेली पाकर उसने अपनी बेटी के साथ रातभर दुष्कर्म किया। कलयुगी पिता की हैवानियत यहीं नहीं रुकी, सुबह होने पर उसने दोबारा अपनी बेटी के साथ इस घिनौने कृत्य को अंजाम दिया।

साहस जुटाकर पीड़िता ने दी परिजनों को जानकारी, कोर्ट ने कहा- कोई उदारता नहीं

इस खौफनाक घटना के बाद पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और आपबीती अपने अन्य परिजनों को बताई। परिजनों की मदद से मामले की शिकायत पुलिस थाने में दर्ज कराई गई। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए जांच पूरी की और आरोपी पिता के खिलाफ पुख्ता सबूतों के साथ चालान कोर्ट में पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि अपनी ही पुत्री के साथ ऐसा कृत्य करने वाला व्यक्ति समाज के लिए कलंक है और वह किसी भी तरह की उदारता का पात्र नहीं है। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को जीवनभर सलाखों के पीछे रखने का फैसला सुनाया।

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