कारगिल के वीरों को नमन कर लौटा ‘संचार शक्ति’ अभियान, कोर ऑफ सिग्नल्स ने बनाया विश्व रिकॉर्ड

भारतीय सेना के कोर ऑफ सिग्नल्स के “व्हील्स ऑफ वैलर : संचार शक्ति” मोटरसाइकिल अभियान का सफल समापन हुआ। अभियान के दौरान अटल टनल में विश्व रिकॉर्ड बनाया गया और कारगिल युद्ध स्मारक पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
🔴 Aaj Ki Baat News | नई दिल्ली
भारतीय सेना के कोर ऑफ सिग्नल्स का ऐतिहासिक “व्हील्स ऑफ वैलर : संचार शक्ति” मोटरसाइकिल अभियान 2026 सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। अभियान के दौरान अटल टनल, रोहतांग में विश्व रिकॉर्ड बनाया गया तथा द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पहुंचकर ऑपरेशन विजय के अमर वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह अभियान सैन्य संचार की गौरवशाली परंपरा, उत्कृष्टता और राष्ट्र के वीर सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान को समर्पित रहा।
अटल टनल में बनाया विश्व रिकॉर्ड
अभियान का सबसे ऐतिहासिक क्षण हिमाचल प्रदेश की अटल टनल, रोहतांग में देखने को मिला, जहां कोर ऑफ सिग्नल्स के डेयर डेविल्स ने 10,075 फीट की ऊंचाई पर केवल दो मोटरसाइकिलों पर 10 सवारों के साथ 9.8 किलोमीटर लंबी सुरंग को 9 मिनट 47.97 सेकंड में पार कर विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। यह उपलब्धि भारतीय सेना के उत्कृष्ट समन्वय, साहस और पेशेवर दक्षता का प्रतीक बनी।
कारगिल के वीरों को दी श्रद्धांजलि
विश्व रिकॉर्ड के बाद अभियान दल ने 16,580 फीट ऊंचे शिंकुन ला दर्रे को पार करते हुए द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पहुंचकर ऑपरेशन विजय के अमर वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की। यात्रा के दौरान हुसैनीवाला राष्ट्रीय शहीद स्मारक और पालमपुर युद्ध स्मारक पर भी शहीदों को नमन किया गया।
युवाओं में जगाई राष्ट्रसेवा की भावना
पूरे अभियान के दौरान दल ने एनसीसी कैडेटों, विद्यार्थियों, पूर्व सैनिकों और स्थानीय नागरिकों से संवाद कर उनमें देशभक्ति, नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना का संचार किया। साथ ही कोर ऑफ सिग्नल्स के विभिन्न संचार प्रतिष्ठानों का दौरा कर भारतीय सेना की अत्याधुनिक तकनीकी क्षमता और परिचालन दक्षता का प्रदर्शन भी किया।
साहस, समर्पण और सैन्य उत्कृष्टता का संदेश
भारतीय सेना के अनुसार “व्हील्स ऑफ वैलर : संचार शक्ति” केवल एक मोटरसाइकिल अभियान नहीं, बल्कि साहस, बलिदान और सैन्य उत्कृष्टता को समर्पित राष्ट्रीय श्रद्धांजलि है। विश्व रिकॉर्ड से लेकर कारगिल के वीरों को नमन तक, इस अभियान ने कोर ऑफ सिग्नल्स की गौरवशाली विरासत और भारतीय सैनिक के अदम्य साहस को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। यह अभियान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की प्रेरणा देता रहेगा।





