बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों को परखा: शिवरीनारायण के कंजी नाला में रेस्क्यू टीम ने किया मॉकड्रिल


गृह मंत्रालय और NDMA के निर्देश पर हुआ अभ्यास; डूबते लोगों को बचाने, मवेशियों को सुरक्षित निकालने और आधुनिक उपकरणों के उपयोग का दिया गया लाइव डेमो
जांजगीर-चांपा। भारत सरकार के गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), नई दिल्ली के सहयोग से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बाढ़ आपदा से बचाव एवं राहत कार्यों की तैयारियों को परखने के लिए जिले में व्यापक मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। तहसील शिवरीनारायण अंतर्गत ग्राम शिवरीनारायण एवं रिंगनी (कुकदा) के कंजी नाला में आयोजित इस अभ्यास के दौरान डिप्टी कलेक्टर देवेंद्र चौधरी, तहसीलदार महेंद्र लहरे, प्रशिक्षक विमल कुमार बैस सहित संबंधित अधिकारी, रेस्क्यू टीम और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
रेस्क्यू टीम ने प्रदर्शित कीं जीवन रक्षक तकनीकें

मॉकड्रिल के दौरान रेस्क्यू टीम ने बाढ़ और जलभराव के समय उत्पन्न होने वाली गंभीर परिस्थितियों का जीवंत प्रदर्शन किया। टीम द्वारा तेज बहाव में फंसे नागरिकों को सुरक्षित निकालने, नदी में डूबते व्यक्तियों को जीवन रक्षक तकनीकों से बचाने और जलमग्न पुल पार करते समय फंसे लोगों को रेस्क्यू करने का सफल अभ्यास किया गया। इसके अतिरिक्त बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से मवेशियों व पालतू पशुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी प्रदर्शित की गई। आपदा प्रबंधन दल ने अत्याधुनिक बचाव उपकरणों, मोटर बोट और लाइफ जैकेट आदि के सही संचालन की जानकारी भी दी।
प्रशासन ने की सतर्कता बरतने की अपील
प्रशासनिक अधिकारियों ने नागरिकों को समझाया कि बाढ़ जैसी आपात स्थिति में घबराने के बजाय सूझबूझ और धैर्य से काम लें। प्रशासन ने आम जनता से अपील की कि भारी बारिश के दौरान उफान पर चल रहे नदी, नालों और पुल-पुलियों को पार करने का जोखिम कतई न उठाएं। जलमग्न मार्गों से आवागमन से बचें और आपातकालीन स्थिति निर्मित होने पर तुरंत स्थानीय प्रशासन, पुलिस या आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष को सूचित करें।






