“हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंजा दूधाधारी मठ, भगवान का हुआ विशेष स्वर्ण श्रृंगार

एकादशी तक सुलभ होंगे स्वर्ण श्रृंगार के दर्शन; राजिम, शिवरीनारायण व जैतू साव मठ में भी उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

रायपुर। 05 सितंबर 2026। राजधानी रायपुर स्थित ऐतिहासिक एवं सुप्रसिद्ध श्री दूधाधारी मठ सहित इससे संबद्ध श्री जैतू साव मठ, श्री राजीव लोचन मंदिर राजिम तथा श्री शिवरीनारायण मठ में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का पावन पर्व अपार श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर आधी रात को भगवान श्री बालाजी, श्रीराम पंचायतन एवं श्री संकट मोचन हनुमान जी महाराज की विशेष पूजा-अर्चना व महाआरती की गई। जैसे ही भगवान का प्राकट्य हुआ, संपूर्ण मठ परिसर श्रद्धालुओं के “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की” के गगनभेदी जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
एकादशी तक होंगे स्वर्ण श्रृंगार के दर्शन
जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में भगवान का अलौकिक व मनोहारी स्वर्ण श्रृंगार किया गया है, जो एकादशी तक आम दर्शनार्थियों के दर्शनार्थ सुलभ रहेगा। इस अवसर पर महामंडलेश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने अपने संदेश में कहा कि मठ की स्थापना काल से ही श्रद्धालु अटूट आस्था के साथ भगवान के जन्मोत्सव में सम्मिलित होते आ रहे हैं। उन्होंने भगवान के श्रीचरणों में नमन कर संपूर्ण विश्व के कल्याण और खुशहाली की मंगलकामना की।

राधा-कृष्ण बने नौनिहाल और भजनों की प्रस्तुति
महोत्सव के दौरान नगर व दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं में माताओं द्वारा अपने नन्हे-मुन्ने बच्चों को राधा और कृष्ण के मनमोहक रूप में सजाकर लाया गया, जो सभी के आकर्षण का केंद्र रहे। वहीं कोटा के ‘स्वास्तिक संगीत ग्रुप’ द्वारा प्रस्तुत सुमधुर भक्ति भजनों ने समां बांध दिया, जिस पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते और नृत्य करते नजर आए।
सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस प्रशासन का कड़ा पहरा
जन्मोत्सव पर उमड़े श्रद्धालुओं के भारी सैलाब को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने लगातार मौके का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। मठ परिसर में बड़ी संख्या में तैनात महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मियों ने भीड़ नियंत्रण और दर्शन व्यवस्था को सुगम व सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।





