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हरियाली तीज आज: जानें शिव-पार्वती पूजा का शुभ मुहूर्त और धार्मिक मान्यता

सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया पर मनाया जा रहा हरियाली तीज पर्व, शिव-पार्वती के पुनर्मिलन से जुड़ी है धार्मिक मान्यता

🔴 Aaj Ki Baat News | धार्मिक

हरियाली तीज का पर्व आज 15 अगस्त 2026, शनिवार को मनाया जा रहा है। सावन महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन, प्रेम और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। हरियाली तीज पर महिलाएं सुखी वैवाहिक जीवन, अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना से व्रत रखती हैं। पर्व के दौरान भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा की जाती है। तीज की कथा का श्रवण और पूजन भी इस पर्व की प्रमुख परंपराओं में शामिल है।

आज पूजा के शुभ मुहूर्त

हरियाली तीज पर ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:50 बजे से 5:35 बजे तक रहा। प्रातःकाल पूजा का शुभ समय सूर्योदय से सुबह 9:08 बजे तक बताया गया है।

अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:17 बजे से 1:08 बजे तक रहेगा। वहीं भगवान शिव की पूजा के लिए प्रदोष काल शाम 6:38 बजे से रात 8:51 बजे तक रहेगा।

धार्मिक मान्यताओं में प्रदोष काल भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान शिव-पार्वती की पूजा और आरती की जा सकती है।

शिव-पार्वती के पुनर्मिलन से जुड़ी मान्यता

हरियाली तीज से जुड़ी पौराणिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए लंबे समय तक कठोर तप किया था। उनकी भक्ति और तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार किया। सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन से जोड़कर देखा जाता है। इसी कारण हरियाली तीज पर शिव-पार्वती की पूजा को विशेष महत्व दिया जाता है।

हरियाली तीज पर पूजा की विधि

इस दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करने के बाद पूजा स्थल की साफ-सफाई की जाती है। भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजन किया जाता है।

भगवान शिव को जल, दूध, शहद, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित किए जाते हैं। माता पार्वती को सुहाग सामग्री चढ़ाई जाती है। इसके बाद हरियाली तीज की व्रत कथा का पाठ या श्रवण किया जाता है।

पूजा के दौरान परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की जाती है। शाम के समय भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर आरती की जाती है।

व्रत का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरियाली तीज का व्रत सुखी वैवाहिक जीवन, अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना से किया जाता है। यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के प्रति श्रद्धा और भक्ति प्रकट करने का अवसर भी माना जाता है। हरियाली तीज सावन की हरियाली और धार्मिक आस्था से जुड़ा पर्व है। इस अवसर पर शिव-पार्वती की आराधना के साथ परिवार के मंगल और सुख-शांति की कामना की जाती है।

हरियाली तीज क्यों है खास?

हरियाली तीज सावन के महीने में आने के कारण प्रकृति की हरियाली और धार्मिक आस्था, दोनों से जुड़ा पर्व है। इस दिन महिलाएं पारंपरिक रूप से व्रत और पूजा करती हैं। शिव-पार्वती की आराधना के साथ तीज की कथा सुनना और धार्मिक अनुष्ठान करना पर्व की परंपरा का हिस्सा माना जाता है।

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