‘जी-राम-जी’ से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर, विकसित भारत 2047 की दिशा में बड़ा कदम

नारायण चंदेल बोले— ग्रामीण भारत विकसित भारत यात्रा का मजबूत पथप्रदर्शक बनेगा ‘जी-राम-जी’
सांसद कमलेश जांगड़े ने कहा— ‘जी-राम-जी’ सिर्फ रोजगार योजना नहीं, ग्रामीण आत्मनिर्भरता का ब्लूप्रिंट
जांजगीर-चांपा। भारतीय जनता पार्टी की ओर से जांजगीर स्थित भाजपा कार्यालय में विकसित भारत—गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी ‘जी-राम-जी’ को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला एवं सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यशाला में केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के उद्देश्य, क्रियान्वयन और जनजागरण अभियान को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यशाला की शुरुआत में जिलाध्यक्ष अंबेश जांगड़े ने कहा कि प्रदेश भाजपा नेतृत्व के निर्देशानुसार जिले में यह कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसके पश्चात जिले के सभी 13 मंडलों में भी कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। उन्होंने सभी मंडल अध्यक्षों व कार्यसमिति सदस्यों से विकसित भारत ‘जी-राम-जी’ जनजागरण अभियान की तैयारी में अभी से जुट जाने का आह्वान किया।
जिला संगठन प्रभारी रामदेव कुमावत ने बताया कि विकसित भारत ‘जी-राम-जी’ जनजागरण अभियान 1 फरवरी से 15 फरवरी तक चलाया जाएगा। जिला स्तर के बाद मंडल स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित कर उनकी जानकारी प्रदेश नेतृत्व को भेजना अनिवार्य होगा। इस दौरान उन्होंने उपस्थित पदाधिकारियों से वन-टु-वन चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए जांजगीर-चांपा लोकसभा सांसद कमलेश जांगड़े ने कहा कि रोजगार की गारंटी की दिशा में मोदी सरकार का यह एक अभूतपूर्व कदम है। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में भी यह योजना मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि मनरेगा के ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव करते हुए लाया गया विकसित भारत—रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक 2025 केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने का व्यापक मिशन है।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि नए कानून से ग्रामीण परिवारों की आय सुरक्षा और मजबूत होगी तथा गांवों में खपत बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि इस विधेयक के तहत प्रति वित्तीय वर्ष ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी, जो मनरेगा की तुलना में 25 दिन अधिक है। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत–जी-राम-जी’ केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत को विकसित भारत की यात्रा में मार्गदर्शन देने वाला सशक्त माध्यम बनेगा।
नारायण चंदेल ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है और गरीब किसान व मजदूर वर्ग को पलायन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तैयार विजन डॉक्यूमेंट 2047 का उद्देश्य आज़ादी के 100वें वर्ष तक भारत को विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना है। इसी दिशा में मनरेगा के स्थान पर ‘जी-राम-जी’ जैसा नया कानून लाया गया है।
इस अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के संसद में दिए गए वक्तव्य का उल्लेख करते हुए बताया गया कि मनरेगा में फंड बंटवारे और भ्रष्टाचार जैसी गंभीर समस्याएं सामने आ रही थीं, जिन्हें दूर करने के लिए यह नया विधेयक आवश्यक था। ‘जी-राम-जी’ के माध्यम से कमजोर, गरीब किसान और मजदूर वर्ग को सीधा लाभ मिलेगा।
कार्यशाला में पूर्व जिलाध्यक्ष गुलाब चंदेल, अमर सुल्तानिया, जिला महामंत्री नंदनी रजवाड़े, रवि पांडेय, कार्यक्रम संयोजक धनंजय सिंह सहित बड़ी संख्या में जिला पदाधिकारी, मंडल पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन विकसित भारत के संकल्प के साथ किया गया।




