विश्व महिला दिवस पर जल संरक्षण की ली शपथ, गांव-गांव चला जनभागीदारी अभियान

“मोर गांव–मोर पानी” अभियान के तहत महिलाओं की भागीदारी से सोक पिट व रेन वॉटर हार्वेस्टिंग निर्माण को मिला बढ़ावा
जांजगीर-चांपा, 8 मार्च। जिले में जल संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा “मोर गांव–मोर पानी” अभियान के तहत विशेष पहल की जा रही है। विश्व महिला दिवस के अवसर पर जिलेभर के गांवों में जल संचय जनभागीदारी अभियान चलाया गया, जिसमें महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए जल संरक्षण की शपथ ली।
कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन और जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे के मार्गदर्शन में चल रहे इस अभियान के तहत गांव-गांव में जनभागीदारी से सोक पिट निर्माण का कार्य किया जा रहा है। साथ ही ग्रामीणों को रिचार्ज पिट, सोखता गड्ढा और रेन वॉटर हार्वेस्टिंग जैसी संरचनाएं बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन कर भू-जल स्तर को बढ़ाया जा सके।
कार्यक्रमों के दौरान महिलाओं और ग्रामीणों ने अपने घरों व गांवों में जल संरक्षण के उपाय अपनाने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने बताया कि जल संरक्षण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज का दायित्व है, जिसे जनभागीदारी से ही सफल बनाया जा सकता है।

कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कहा कि “मोर गांव–मोर पानी” अभियान का उद्देश्य हर गांव में जल संरक्षण की मजबूत व्यवस्था तैयार करना है। उन्होंने कहा कि यदि हर घर में रिचार्ज पिट और सोखता गड्ढे बनाए जाएं तो वर्षा जल का संरक्षण कर भविष्य में जल संकट से काफी हद तक बचा जा सकता है।
विश्व महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं को विशेष रूप से इस अभियान से जोड़ा गया। अधिकारियों ने बताया कि जल संकट का प्रभाव सबसे अधिक महिलाओं पर पड़ता है, इसलिए “जल शक्ति से नारी सशक्त” के संदेश के साथ उन्हें जल संरक्षण की पहल में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
अभियान के तहत ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, आंगनबाड़ी केंद्रों और शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से रैली, कार्यशाला, दीवार लेखन और जन-जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों और आसपास वर्षा जल संचयन की व्यवस्था कर इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सके।





