विधानसभा में मुख्यमंत्री का कांग्रेस पर तीखा प्रहार, बोले- कुशासन और भ्रष्टाचार से जनता को मिला छुटकारा

“ऐसा कोई सगा नहीं, जिसे इन्होंने ठगा नहीं” योजनाओं, खनन, ऊर्जा और युवाओं के मुद्दे पर साधा निशाना
रायपुर। विधानसभा में अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता कांग्रेस के पांच साल के कुशासन को आज भी नहीं भूली है और उस दौर में “ऐसा कोई सगा नहीं, जिसे इन्होंने ठगा नहीं” जैसी स्थिति थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार की कई योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रहीं। नरवा, गरुवा, घुरुवा, बारी योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गौठानों में भारी खर्च के बावजूद जमीनी स्थिति निराशाजनक रही।
आबकारी और भ्रष्टाचार के आरोप
आबकारी व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि शराब दुकानों में दो काउंटर चलाए जाते थे, जिसमें एक का पैसा विभाग और दूसरा “राजनीतिक एटीएम” के रूप में उपयोग होता था। उन्होंने इसे बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार का उदाहरण बताया।
युवाओं और भर्ती प्रक्रिया पर निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी संस्थाओं में दागी नियुक्तियों से युवाओं के साथ अन्याय हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने इसका फायदा उठाकर पूरे परिवार को लाभ पहुंचाया।
खनन, डीएमएफ और रेत माफिया पर घेरा
मुख्यमंत्री ने खनिज राजस्व में गिरावट और ट्रांजिट पास को मैनुअल कर भ्रष्टाचार बढ़ाने का आरोप लगाया। डीएमएफ फंड के दुरुपयोग और रेत माफिया के संरक्षण की बात करते हुए उन्होंने कहा कि इससे प्राकृतिक संसाधनों का नुकसान हुआ।
ऊर्जा और सिंचाई में पिछड़ने का आरोप
ऊर्जा क्षेत्र में लापरवाही का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि समय रहते योजना नहीं बनने से प्रदेश को नुकसान हुआ। वहीं सिंचाई के क्षेत्र में वर्तमान सरकार द्वारा अधिक कार्य स्वीकृत करने और हजारों हेक्टेयर में सिंचाई क्षमता बढ़ाने की जानकारी दी।
डबल इंजन सरकार से विकास तेज
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार में आंतरिक खींचतान रही, जबकि वर्तमान में “डबल इंजन” सरकार से विकास की गति तेज हुई है। डिजिटल कनेक्टिविटी, मोबाइल टावर और ग्रामीण विकास के कार्यों में तेजी लाने का भी उल्लेख किया।
पत्रकारों और लोकतंत्र पर भी बोले
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में पत्रकारों पर कार्रवाई हुई, जबकि उनकी सरकार लोकतांत्रिक वातावरण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।




