राहुल गांधी पर FIR के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन: जांजगीर में निकाला पैदल मार्च, केस वापस लेने की मांग

विधायक ब्यास कश्यप बोले- लोकतंत्र की आवाज दबाने का प्रयास बर्दाश्त नहीं
जांजगीर-चांपा। 31 अगस्त 2026। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के विरुद्ध उत्तराखंड के हल्द्वानी में दर्ज एफआईआर के विरोध में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आज जिला मुख्यालय जांजगीर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राजेश अग्रवाल के संयोजकत्व एवं जांजगीर-चांपा विधायक ब्यास कश्यप के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने शहीद स्मारक से डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा स्थल तक विशाल पैदल मार्च निकाला। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड व केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए दर्ज आपराधिक प्रकरण को तत्काल वापस लेने की मांग की।
विपक्ष की आवाज दबाने के लिए सत्ता का दुरुपयोग: विधायक ब्यास कश्यप
विधायक ब्यास कश्यप ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राहुल गांधी देश की जनता की आवाज को संसद से लेकर सड़क तक मजबूती से उठाने वाले मुखर नेता हैं। जनहित, सामाजिक न्याय, संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाना विपक्ष का संवैधानिक दायित्व है। हल्द्वानी में उनके विरुद्ध राजनीतिक द्वेष भावना से एफआईआर दर्ज कर सत्ता के दुरुपयोग का स्पष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया गया है। कांग्रेस इस प्रकार की दमनात्मक कार्रवाइयों से डरने या पीछे हटने वाली नहीं है।
पुलिस के बल पर लोकतंत्र को नहीं दबा सकती भाजपा: जिलाध्यक्ष राजेश अग्रवाल
जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने कहा कि भाजपा सरकार को यह समझ लेना चाहिए कि एफआईआर और पुलिस के दबाव से लोकतंत्र की आवाज को कुचला नहीं जा सकता। राहुल गांधी ने सामाजिक भेदभाव और संविधान में निहित समानता के अधिकार को लेकर अपनी बात रखी है। यदि किसी बात पर आपत्ति है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, न कि राजनीतिक दबाव में विपक्ष के नेता पर केस दर्ज किया जाए। उन्होंने मांग की कि इस एफआईआर को तत्काल निरस्त किया जाए।
केस वापस नहीं हुआ तो होगा उग्र व चरणबद्ध आंदोलन
वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं एवं ब्लॉक अध्यक्षों ने दो-टूक कहा कि कांग्रेस पार्टी संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए सदैव संघर्ष करती रही है। यदि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज राजनीतिक प्रकरण को शीघ्र वापस नहीं लिया गया, तो इस आंदोलन को और अधिक व्यापक व चरणबद्ध रूप दिया जाएगा।
विरोध प्रदर्शन में प्रमुख रूप से वरिष्ठ नेता दिनेश शर्मा, रमेश पैगवार, विवेक सिंह सिसोदिया, भगवान दास गढ़वाल, गिरधारी यादव, राइस किंग खूंटे, अजीत सिंह राणा, सेवादल जिला प्रमुख देवकुमार पांडे, जिला पंचायत सदस्य लोकेश राठौर, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रामविलास राठौर, रविन्द्र शर्मा, महेश्वर टंडन, नवल सिंह, बबला महाराज, चंद्रप्रकाश ओग्रे भाकू, राघवेंद्र सिंह सिसोदिया, परमेश्वर निर्मले, शाश्वत धर दीवान, हरीश पांडे, पार्षद प्रिंस शर्मा, अरमान खान, अक्षय टेकाम, सत्ता राठौर, बलविंदर सिंह, दिनेश पांडे, जय सिंह राठौर, राजा सिद्दीकी, अतीक कुरैशी, बेदी यादव, दिनेश महंत, अनिल राठौर, अंशु यादव, महेंद्र कश्यप, बरखा वैष्णव, केरा बाई, काजल, अमनप्रीत, उमाशंकर चंद्रा, मनोज चंद्रा, महेश खरे, विजय कुशवाहा, धनपति करियारे एवं कमलेश ताम्रकार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।





