श्री कृष्ण गौशाला नैला में 4 सितंबर को धूमधाम से मनेगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव: मंदिर में लगेगा 56 भोग, रात 12 बजे होगा प्राकट्योत्सव

प्राचीन राधा-कृष्ण मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ होगा अभिषेक व श्रृंगार, लड्डू गोपाल को लगेगा छप्पन भोग; रात 12 बजे शंखनाद के बीच होगा जन्मोत्सव
जांजगीर-चांपा। 31 अगस्त 2026। नैला नगर के सुप्रसिद्ध श्री कृष्ण गौशाला सेवा समिति, नैला में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 4 सितंबर 2026 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व अत्यंत हर्षोल्लास, भक्ति और धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। जन्मोत्सव को भव्य और अलौकिक स्वरूप देने के लिए गौशाला परिसर में व्यापक स्तर पर तैयारियां जोर-शोर से शुरू कर दी गई हैं।
वैदिक मंत्रोच्चार से अभिषेक व फूलों से होगा नयनाभिराम श्रृंगार
समिति के पदाधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि जन्मोत्सव के पावन अवसर पर गौशाला परिसर स्थित प्राचीन श्री राधा-कृष्ण मंदिर में प्रातःकाल से ही धार्मिक अनुष्ठानों का दौर शुरू हो जाएगा। विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान का पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद सुगंधित व ताजे फूलों से भगवान का आकर्षक और नयनाभिराम श्रृंगार किया जाएगा। दोपहर में बाल गोपाल लड्डू गोपाल जी को 56 प्रकार के विशेष व्यंजनों का महाभोग (छप्पन भोग) अर्पित किया जाएगा।
आकर्षक विद्युत सज्जा और गौ-माता का विशेष पूजन
श्री कृष्ण गौशाला सेवा समिति के अध्यक्ष राजेश पालीवाल ने बताया कि इस वर्ष जन्माष्टमी पर्व पर श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रबंध और आकर्षक सजावट की जा रही है। पूरे गौशाला परिसर और मंदिर प्रांगण को रंग-बिरंगी झालरों, बंदनवार, एलईडी लाइट्स और भव्य प्रवेश द्वारों से सुसज्जित किया जा रहा है। पर्व के पावन अवसर पर गौशाला में संरक्षित गौ-माताओं का विधि-विधान से विशेष पूजन-अर्चन कर उन्हें गुड़, चना व हरा चारा खिलाया जाएगा।
विशाल भंडारा एवं प्रसादी वितरण
समिति के सचिव पवन अग्रवाल ने बताया कि जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मंदिर आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए विशेष महाप्रसाद (पूरी-सब्जी) के विशाल भंडारे की व्यवस्था की गई है। दिनभर चलने वाले इस धार्मिक उत्सव में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे।
मध्यरात्रि 12 बजे गूंजेंगे जयकारे
रात्रि में पूरा परिसर दूधिया व बहुरंगी रोशनी से जगमगा उठेगा। रात्रि 12 बजे जैसे ही भगवान श्री कृष्ण का अवतरण होगा, पूरा मंदिर परिसर ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ और ‘जय श्री कृष्ण’ के जयकारों, शंखनाद, घंटा-घड़ियाल तथा ढोल-नगाड़ों की गूंज से भक्तिमय हो उठेगा। इसके पश्चात महाआरती और माखन-मिश्री का विशेष प्रसाद वितरित किया जाएगा। आयोजन को सफल बनाने के लिए समिति के सभी सदस्य व सेवादार सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।




