गांव की जरूरत और ग्रामीणों की पसंद से बनेगी विकास योजना: जिला पंचायत में कार्यशाला, CEO पोयाम ने दिए आवश्यकता आधारित योजना बनाने के निर्देश

ग्राम सभाएं बनेंगी योजना की रीढ़; जल बजट, युक्तधारा और जीआईएस मैपिंग से तय होंगे ग्रामीण अधोसंरचना व रोजगार के काम
🔴 आज की बात News | जांजगीर-चांपा। ग्राम पंचायतों के सर्वांगीण विकास का खाका अब कागजों पर नहीं, बल्कि गांवों की वास्तविक जरूरतों, स्थानीय संसाधनों और ग्रामीणों की सीधी सहभागिता से तैयार होगा। ‘विकसित भारत जी राम जी’ पहल के तहत ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने के लिए जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय प्रशिक्षण एवं समीक्षा कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में मैदानी अमले को व्यावहारिक व डिजिटल माध्यमों से योजना तैयार करने का गहन प्रशिक्षण दिया गया।
ग्राम सभा बनेगी आधार
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) विनय कुमार पोयाम ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए कि योजनाएं ग्रामीणों पर थोपी न जाएं। ग्राम सभाओं को योजना निर्माण का केंद्र बनाया जाए, जहां ग्रामीण स्वयं अपनी समस्याओं और प्राथमिकताओं को सामने रख सकें। उन्होंने कहा कि योजनाओं में रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन, पेयजल सुरक्षा और टिकाऊ अधोसंरचना को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
डिजिटल मैपिंग और जल बजट
सीईओ पोयाम ने पंचायतों में जल संकट से निपटने के लिए जल बजट तैयार करने और जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। इसके लिए युक्तधारा पोर्टल और जीआईएस (GIS) आधारित डिजिटल मैपिंग का सहारा लिया जाएगा। इसके जरिए गांवों में मौजूद जल संरचनाओं, सड़कों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर निर्माण कार्यों के सटीक स्थल तय किए जा सकेंगे।
मैदानी अमले को तकनीकी प्रशिक्षण
कार्यशाला में सहायक परियोजना अधिकारी गौरव शुक्ला और सहायक प्रोग्रामर विवेक अग्रवाल ने मास्टर ट्रेनर्स के साथ तकनीकी बारीकियों की जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न विभागों की योजनाओं के अभिसरण (कन्वर्जेंस), ग्राम सभा अनुमोदन, सिक्योर और ई-माप पुस्तिका 2.0 की कार्यप्रणाली, जीएसटी और ट्रेजरी बिल प्रस्तुतीकरण के नियमों से अमले को अवगत कराया।
इस समीक्षा कार्यशाला में जिला व जनपद पंचायत स्तर के कार्यक्रम अधिकारी, तकनीकी सहायक, लाइन विभागों के अधिकारी और मैदानी अमला उपस्थित रहा।




