जाँजगीर -चाँपाधर्म भक्ति

जांजगीर की कृष्णा विहार कॉलोनी में सजेगा माता का भव्य दरबार: 10 दिवसीय नवदुर्गोत्सव में गरबा, जिला स्तरीय चेस टूर्नामेंट और रावण दहन

षष्ठम वर्ष में प्रवेश कर रहे आयोजन में भक्ति के साथ दिखेगा प्रतिभाओं का रंग; 11 से 20 अक्टूबर तक सजेंगे विविध सांस्कृतिक व खेल कार्यक्रम

🔴 आज की बात News | जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा स्थित श्री कृष्णा विहार कॉलोनी में इस वर्ष नवदुर्गोत्सव एवं दशहरा समारोह अत्यंत भव्य और आकर्षक रूप में मनाया जाएगा। अपने षष्ठम वर्ष में प्रवेश कर रहे इस दस दिवसीय आयोजन को लेकर श्री कृष्णा विहार नवदुर्गोत्सव एवं दशहरा समिति ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। 11 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 20 अक्टूबर तक चलने वाले इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य कॉलोनीवासियों को एक मंच पर जोड़ते हुए धार्मिक आस्था, कला, संस्कृति, खेल और बच्चों की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना है।

11 अक्टूबर को घटस्थापना के साथ होगा शुभारंभ

उत्सव की शुरुआत 11 अक्टूबर को वैदिक विधि-विधान से कलश स्थापना एवं घटस्थापना के साथ होगी। समिति द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार, नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन सुबह 9 बजे आरती तथा शाम 7 बजे संध्या आरती एवं महाप्रसाद (भोग भंडारा) का वितरण किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा और आस्था को ध्यान में रखते हुए पूरे नौ दिनों तक विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठानों की पुख्ता व्यवस्था की गई है।

प्रतियोगिताओं का रोमांच: रंगोली से लेकर डांडिया और चेस तक

नवदुर्गोत्सव के दौरान विभिन्न आयु वर्ग के लिए विविध प्रतियोगिताओं की रूपरेखा तैयार की गई है:

  • 12 अक्टूबर: मेहंदी प्रतियोगिता एवं ‘कौन बनेगा लखपति’ का आयोजन।
  • 13 अक्टूबर: सामान्य ज्ञान एवं अभिक्षमता प्रतियोगिता के साथ जन-जागरूकता कार्यक्रम।
  • 14 अक्टूबर: रंगोली, बच्चों की मनोरंजक गतिविधियां, फैंसी ड्रेस और गायन प्रतियोगिता।
  • 15 अक्टूबर: वरिष्ठों और बड़ों के लिए विशेष कार्यक्रम ‘बचपन दोबारा’।
  • 16 अक्टूबर: चित्रकला प्रतियोगिता और डांडिया गरबा नाइट का उल्लास।
  • 17 अक्टूबर: जिला स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता, जिसमें जिले भर के शतरंज खिलाड़ी अपना जौहर दिखाएंगे। इसी दिन शाम को युवाओं और बच्चों के लिए डांडिया गरबा नाइट भी होगी।
  • 18 अक्टूबर: मटका फोड़ प्रतियोगिता एवं आध्यात्मिक प्रश्नोत्तरी।
  • 19 अक्टूबर: नृत्य प्रतियोगिता का मंचन।

संधि पूजन, महानवमी हवन और 20 अक्टूबर को रावण दहन

धार्मिक अनुष्ठानों के क्रम में 18 अक्टूबर की रात्रि को महासप्तमी संधि पूजन, कालरात्रि पूजन एवं विशेष नींबू माला अर्पण किया जाएगा। इसी दिन अष्टमी प्रसाद एवं चढ़ोतरी संपन्न होगी। इसके बाद 19 अक्टूबर को महानवमी हवन, कन्या पूजन एवं विशेष चढ़ोतरी का कार्यक्रम रखा गया है।

उत्सव के अंतिम दिन यानी 20 अक्टूबर को भव्य राम दरबार के दर्शन होंगे और पारंपरिक रूप से रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसी शाम विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजयी प्रतिभागियों को मंच पर पुरस्कृत भी किया जाएगा। समिति ने सभी क्षेत्रवासियों से सपरिवार पहुंचकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।

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