जाँजगीर -चाँपाधर्म भक्ति

‘धन-संपत्ति सबके पास होती है, सदुपयोग कोई-कोई ही करता है’:  राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास

श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ में शामिल हुए दूधाधारी मठ पीठाधीश्वर; व्यासपीठ से गूंजा- ‘संतों के आगमन से मिट जाते हैं पाप’

🔴 जांजगीर-चांपा। जिला जांजगीर-चांपा के पामगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पकरिया एवं ग्राम पड़रिया में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ में श्री शिवरीनारायण मठ एवं श्री दूधाधारी मठ रायपुर के पीठाधीश्वर, महामंडलेश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज सम्मिलित हुए। इस दौरान आयोजकों एवं ग्रामवासियों द्वारा राजेश्री महन्त जी महाराज का अत्यंत आत्मीय व भावभीना स्वागत किया गया।

सत्कर्म और धर्म में धन का सदुपयोग ही सच्ची सार्थकता

कथा पंडाल में उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए राजेश्री महन्त जी ने कहा कि पूर्वजों के असीम पुण्य, तप और आशीर्वाद से ही इस तरह के पावन आध्यात्मिक अनुष्ठान संभव होते हैं। उन्होंने कहा, “धन और संपत्ति तो संसार में बहुत से लोगों के पास होती है, लेकिन उसका सही सदुपयोग कोई-कोई ही कर पाता है।” उन्होंने आयोजक परिवारों की सराहना करते हुए कहा कि अपने पितरों और पूर्वजों की स्मृति में श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ का आयोजन करना पुण्य का कार्य है, जिससे निश्चित तौर पर पूर्वजों को मोक्ष और शांति प्राप्त होगी।

संतों के चरणों से पवित्र हुआ कथा पंडाल

ग्राम पकरिया में आचार्य पवन चतुर्वेदी जी तथा ग्राम पड़रिया में राजेंद्र शर्मा जी महाराज व्यास पीठ पर विराजित होकर कथा रसपान करा रहे हैं। इस अवसर पर आचार्य पवन चतुर्वेदी ने व्यासपीठ से कहा कि “जहां संतों के चरण पड़ते हैं, वहां पापों का अंत स्वतः ही हो जाता है।” उन्होंने मनमोहक स्वागत गीत गाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया।

बड़ी संख्या में उपस्थित रहे श्रद्धालु

इस गरिमामयी धार्मिक आयोजन में प्रमुख रूप से सुबोध शुक्ला, निरंजन लाल अग्रवाल, निर्मल दास वैष्णव, पुरेंद्र सोनी, गणपत साहू, जानकी लाल थवाईत, वेदराम वर्मा, रामानुज निर्मलकर, पन्नालाल देवांगन, सीताराम यादव सहित दोनों गांवों के गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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