
250 साल पुरानी परंपरा के साथ निकली ऐतिहासिक रथयात्रा, महामंडलेश्वर रामसुन्दर दास ने कहा—भगवान जगन्नाथ स्वयं भक्तों को दर्शन देने निकलते हैं।
🔴 Aaj Ki Baat News | रायपुर
राजधानी रायपुर की पुरानी बस्ती स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर (टुरी हटरी) में गुरुवार को भगवान श्री जगन्नाथ की पावन रथयात्रा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ निकाली गई। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन के बीच हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन कर रथयात्रा में भाग लिया।
हवन-पूजन के बाद निकली भव्य रथयात्रा
सुबह 9 बजे हवन-पूजन और भगवान की महाआरती के साथ धार्मिक अनुष्ठान शुरू हुए। दोपहर में भोग-भंडारे का आयोजन किया गया। इसके बाद अपराह्न 3:30 बजे पारंपरिक विधि-विधान के साथ भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की प्रतिमाओं को रथ पर विराजमान कर भव्य रथयात्रा निकाली गई। श्रद्धालुओं ने रथ की रस्सी खींचकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया।

रायपुर की सबसे प्राचीन रथयात्राओं में एक
जानकारों के अनुसार पुरानी बस्ती की यह रथयात्रा रायपुर महानगर की सबसे प्राचीन रथयात्राओं में से एक है, जिसका इतिहास लगभग 250 वर्ष पुराना माना जाता है। यह परंपरा आज भी पूरी श्रद्धा और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ निभाई जा रही है।
महामंडलेश्वर ने दिया आध्यात्मिक संदेश
महामंडलेश्वर राजेश्री महंत रामसुन्दर दास जी महाराज ने अपने संदेश में कहा कि भगवान श्री जगन्नाथ विश्व के ऐसे देवता हैं, जो स्वयं अपने भक्तों को दर्शन देने उनके बीच आते हैं। उन्होंने कहा कि रथयात्रा सेवा, समर्पण, समानता और लोककल्याण का संदेश देने वाला महापर्व है। भगवान के समक्ष सभी समान हैं और यही इस पर्व का मूल संदेश है।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे मौजूद

रथयात्रा में दाऊ महेंद्र अग्रवाल, सुरेश शुक्ला, अजय तिवारी, विजय पाली, रामकृष्ण पाली, तोय निधि वैष्णव, बृजभूषण द्विवेदी, अनिल बरोड़िया, प्रशांत ठेंगड़ी, राहुल उपाध्याय, तिलक दास जी, राम छबिदास जी, राम प्रिय दास जी, राम लोचन दास जी, मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव, हर्ष दुबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक शामिल हुए।




