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अमरनाथ यात्रा 2026 का इंतजार खत्म, 3 जुलाई से शुरू होगी बाबा बर्फानी की पवित्र यात्रा

57 दिनों तक चलेगी यात्रा, रजिस्ट्रेशन, हेल्थ सर्टिफिकेट, यात्रा मार्ग और हेलीकॉप्टर सुविधा से जुड़ी पूरी जानकारी यहां पढ़ें

🔴 Aaj Ki Baat News | धर्म डेस्क

देश की सबसे पवित्र तीर्थ यात्राओं में शामिल अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर श्रद्धालुओं का इंतजार अब समाप्त होने वाला है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं। इस बार भी यात्रा 57 दिनों तक चलेगी। यात्रा पर जाने की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए रजिस्ट्रेशन, स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र, यात्रा मार्ग और सुरक्षा नियमों की जानकारी पहले से जानना जरूरी है।

3 जुलाई से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा

श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के अनुसार अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2026 से प्रारंभ होगी। यात्रा का समापन 28 अगस्त 2026 को श्रावण पूर्णिमा एवं रक्षाबंधन के दिन होगा। इस दौरान श्रद्धालु बाबा बर्फानी के पवित्र हिमलिंग के दर्शन कर सकेंगे।

रजिस्ट्रेशन शुरू, ऐसे करें आवेदन

अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 15 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है। श्रद्धालु श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा भारतीय स्टेट बैंक सहित 550 से अधिक अधिकृत बैंक शाखाओं में ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध है।श्राइन बोर्ड के अनुसार पंजीकरण ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जा रहा है। 3 जुलाई से दोबारा रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू होगी, जो 12 अगस्त तक जारी रहेगी।

13 से 70 वर्ष तक के श्रद्धालुओं को मिलेगी अनुमति

अमरनाथ गुफा समुद्र तल से लगभग 14,800 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। कठिन चढ़ाई और मौसम की चुनौतियों को देखते हुए केवल 13 से 70 वर्ष आयु वर्ग के श्रद्धालुओं को ही यात्रा की अनुमति दी जाती है। निर्धारित आयु सीमा से बाहर के लोगों को यात्रा की अनुमति नहीं मिलेगी।

हेल्थ सर्टिफिकेट है अनिवार्य

यात्रा पर जाने वाले प्रत्येक श्रद्धालु के लिए अधिकृत चिकित्सक या मान्यता प्राप्त चिकित्सा संस्थान से स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र (सीएचसी) प्राप्त करना अनिवार्य है। यह प्रमाण-पत्र 8 अप्रैल 2026 के बाद जारी किया गया होना चाहिए। स्वास्थ्य जांच और दस्तावेज सत्यापन के बाद ही यात्रा परमिट जारी किया जाता है।

दो प्रमुख मार्गों से पहुंचेंगे श्रद्धालु

अमरनाथ यात्रा के लिए दो निर्धारित मार्ग हैं। पहला पहलगाम मार्ग है, जिसकी लंबाई लगभग 48 किलोमीटर है। यह अपेक्षाकृत आसान मार्ग माना जाता है और अधिकतर श्रद्धालु इसी रास्ते का चयन करते हैं।

दूसरा बालटाल मार्ग है, जो करीब 14 किलोमीटर लंबा है। दूरी कम होने के बावजूद यह मार्ग अधिक कठिन माना जाता है। इस मार्ग पर केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ और फिट श्रद्धालुओं को जाने की सलाह दी जाती है।

यात्रा परमिट और RFID कार्ड रहेगा जरूरी

रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को यात्रा परमिट और RFID कार्ड जारी किया जाता है। यात्रा परमिट में यात्रा की तिथि, मार्ग, रिपोर्टिंग समय और प्रवेश द्वार की जानकारी दर्ज रहती है। वहीं RFID कार्ड के माध्यम से यात्रियों की लोकेशन पर नजर रखी जाती है, ताकि आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

प्रत्येक यात्री को मिलेगा 10 लाख रुपये का बीमा

श्राइन बोर्ड की व्यवस्था के तहत प्रत्येक पंजीकृत श्रद्धालु को 10 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर प्रदान किया जाएगा। यात्रा के दौरान सुरक्षा, चिकित्सा और अन्य सुविधाओं के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

हेलीकॉप्टर सेवा भी रहेगी उपलब्ध

जो श्रद्धालु पैदल यात्रा करने में सक्षम नहीं हैं, उनके लिए हेलीकॉप्टर सेवा की सुविधा उपलब्ध रहेगी। हेलीकॉप्टर टिकट की बुकिंग पहले से ऑनलाइन की जा सकती है।

यात्रा पर जाने से पहले इन बातों का रखें विशेष ध्यान

  • मजबूत और आरामदायक ट्रेकिंग शूज पहनें।
  • केवल निर्धारित मार्ग का ही उपयोग करें।
  • किसी भी स्थिति में शॉर्टकट रास्तों का इस्तेमाल न करें।
  • चेतावनी वाले स्थानों पर रुकने से बचें।
  • महिलाएं यात्रा के दौरान सुविधाजनक वस्त्र पहनें।
  • छह सप्ताह से अधिक गर्भवती महिलाओं को यात्रा की अनुमति नहीं है।

सहायता के लिए जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर

यात्रा से संबंधित किसी भी जानकारी या सहायता के लिए श्रद्धालु जम्मू और श्रीनगर स्थित कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा टोल-फ्री नंबर 180018071987 और 18001807199 पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

हर वर्ष की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं के अमरनाथ पहुंचने की संभावना है। सुरक्षित और सफल यात्रा के लिए श्राइन बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना आवश्यक होगा।

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