विकास कार्यों की गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं, समय-सीमा में पूरे हों प्रोजेक्ट्स: प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी

जांजगीर-चांपा में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक; मेडिकल कॉलेज, सड़कों की मरम्मत और निर्बाध बिजली आपूर्ति को लेकर दिए कड़े निर्देश
जांजगीर-चांपा। जिले के प्रभारी मंत्री एवं वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने जिला कलेक्टोरेट में जिला स्तरीय अधिकारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर विभिन्न विभागों में संचालित योजनाओं, विकास कार्यों एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने दो टूक कहा कि विकास एवं निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी कार्यों को तय समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, जिससे जिलेवासियों को इनका समुचित लाभ मिल सके। बैठक में जांजगीर-चांपा लोकसभा सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, कलेक्टर जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय और जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार पोयाम सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

बड़े प्रोजेक्ट्स में तेजी और गुणवत्ता पर जोर, बिजली कटौती पर जताई नाराजगी
प्रभारी मंत्री ने जिले में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज एवं नालंदा परिसर सहित प्रमुख निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। बारिश के मौसम में बार-बार बिजली गुल होने की समस्या पर उन्होंने सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए विद्युत विभाग को अविलंब सुधार कर निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों व गड्ढों की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर तत्काल कराने के निर्देश दिए।
राजस्व मामलों का समय पर निपटारा और योजनाओं में तेजी की हिदायत
प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट किया कि राजस्व प्रकरणों का निराकरण समय-सीमा में होना चाहिए और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार व लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से मुख्यालय में रहने और जनता की समस्याओं का संवेदनशीलता से समाधान करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त पीएम सूर्यघर योजना में गुणवत्तापूर्ण सोलर पैनल लगाने, पीएम आवास योजना की किस्तों का समय पर भुगतान करने तथा महतारी वंदन योजना के शेष हितग्राहियों का विशेष अभियान चलाकर ई-केवाईसी पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद-बीज की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए किसानों को नैनो यूरिया व नैनो डीएपी के उपयोग के प्रति जागरूक करने और जिले में अवैध रेत उत्खनन व परिवहन पर पूरी तरह रोक लगाने के कड़े निर्देश दिए।




