कमरछठ पर भागवत कथा श्रवण का मिला परम सौभाग्य: जांजगीर पहुंचे दूधाधारी मठ के पीठाधीश्वर राजेश्री महंत


दूधाधारी मठ व शिवरीनारायण मठ के पीठाधीश्वर ने की व्यासपीठ की पूजा-अर्चना, श्रद्धालुओं को दिए आशीर्वचन
जांजगीर-चांपा। 03 सितंबर 2026। जांजगीर बस स्टैंड के समीप राठौर परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ में श्री शिवरीनारायण मठ एवं श्री दूधाधारी मठ रायपुर के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज सम्मिलित हुए। कार्यक्रम स्थल पहुंचकर उन्होंने व्यासपीठ की विधिवत पूजा-अर्चना की। इस दौरान कथा व्यास आचार्य जी ने भी महाराज श्री का अभिवादन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन में उपस्थित श्रद्धालु समूह को संबोधित करते हुए राजेश्री महन्त जी महाराज ने कहा कि छत्तीसगढ़ में संतान के दीर्घायु और कल्याण की कामना का लोकपर्व कमरछठ भक्तिभाव से मनाया जा रहा है। ऐसे पावन अवसर पर श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने का अवसर मिलना हम सभी के लिए परम सौभाग्य की बात है।
माता-पिता की सेवा और धर्म मार्ग पर चलने का आह्वान

राजेश्री महन्त जी ने श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देते हुए कहा कि मानव जीवन में माता-पिता की सेवा का स्थान सर्वोपरि है। जो व्यक्ति निष्ठा और समर्पण भाव से अपने माता-पिता की सेवा करता है, उसका जीवन स्वतः सफल हो जाता है। अपने पारिवारिक व सामाजिक कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करते हुए धर्म और भक्ति के मार्ग पर अग्रसर रहना ही जीवन की सच्ची सार्थकता है। उन्होंने कथा व्यास के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि वे इसी तरह सनातन धर्म और सांस्कृतिक मूल्यों का प्रचार-प्रसार पूरे देश में निरंतर करते रहें। इस अवसर पर आयोजक परिवार के मुखिया अर्जुन लाल राठौर ने महाराज श्री के आगमन पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके चरण पड़ने से उनका निवास स्थल पावन हो गया।
आयोजन में प्रमुख लोग रहे उपस्थित
कथा श्रवण और पूजा-अर्चना के दौरान महाराज श्री के साथ कमलेश सिंह, प्रमोद सिंह, निर्मल दास वैष्णव, हर्ष दुबे और सुशील साहू उपस्थित रहे। वहीं राठौर परिवार की ओर से श्रीमती मंजू लता अजय सिंह राठौर, श्रीमती सरोजिनी नरेंद्र राठौर समेत परिवार के सदस्य, रिश्तेदार एवं बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु मौजूद थे।




