श्रीमद्भागवत कथा मंच से साइबर सुरक्षा का शंखनाद: बम्हनीडीह में अनिरुद्धाचार्य महाराज ने श्रद्धालुओं को सिखाए ऑनलाइन ठगी से बचाव के मंत्र

सीएम साय के नेतृत्व में चल रहे राज्यव्यापी ‘साइबर जागृति अभियान’ से जुड़ा आयोजन; कथावाचक बोले— ‘विवेक और संयम ही डिजिटल सुरक्षा की ढाल’
🔴 जांजगीर-चांपा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में समूचे छत्तीसगढ़ में 14 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलाए जा रहे ‘साइबर जागृति अभियान’ का अनूठा असर जांजगीर-चांपा जिले में देखने को मिला। विकासखंड मुख्यालय बम्हनीडीह में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दौरान सुप्रसिद्ध राष्ट्रीय कथावाचक पूज्य आचार्य अनिरुद्धाचार्य महाराज ने आध्यात्मिक ज्ञान के साथ-साथ हजारों श्रद्धालुओं को साइबर अपराध से सुरक्षित रहने का संकल्प दिलाया।
डिजिटल युग में थोड़ी सी असावधानी पड़ सकती है भारी
विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा कि आज के दौर में मोबाइल जितना उपयोगी साधन है, तनिक भी लापरवाही बरतने पर उतना ही नुकसानदेह साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि नागरिकों को सतर्क और जागरूक बनाना भी एक तरह से धर्म का ही हिस्सा है। ‘विवेक और संयम ही साइबर ठगी से बचाव की सबसे बड़ी ढाल’ का सूत्र देते हुए उन्होंने उपस्थित जनसैलाब को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने की प्रेरणा दी।
कथा पंडाल से दिए साइबर सुरक्षा के व्यावहारिक सूत्र
महाराज जी ने श्रद्धालुओं को ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए बुनियादी नियमों की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपना बैंक ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम कार्ड विवरण या पासवर्ड किसी भी सूरत में अनजान व्यक्ति को न बताएं। इसके अलावा व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर आने वाले लॉटरी, फ्री गिफ्ट, पार्ट-टाइम जॉब अथवा लोन के फर्जी लिंक पर कभी क्लिक न करें। अनजान नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल, खुद को बैंक या बिजली विभाग का कर्मचारी बताने वाले फर्जी कॉलर और ब्लैकमेलिंग के झांसे में न आने की सख्त हिदायत दी।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें संपर्क
अनिरुद्धाचार्य महाराज ने लोगों से अपने सोशल मीडिया खातों में ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’ लागू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि किसी कारणवश कोई व्यक्ति डिजिटल ठगी का शिकार हो जाता है, तो घबराने या संकोच करने की बजाय तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें, आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं या अविलंब नजदीकी पुलिस थाने में संपर्क करें। कथा पंडाल में मौजूद जांजगीर-चांपा सहित आसपास के जिलों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने करतल ध्वनि से इस सामाजिक पहल का स्वागत किया।




