राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर रायपुर में सेवा का महाकुंभ: मुख्यमंत्री साय की मौजूदगी में महिलाओं ने बनाया कीर्तिमान


1000 से अधिक महिलाओं के रक्तदान से गोल्डन बुक में दर्ज हुआ रिकॉर्ड, 31 लोगों ने लिया देहदान का संकल्प

🔴 आज की बात News | रायपुर। राजधानी के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित ‘रक्तदान महाकुंभ’ में नया विश्व रिकॉर्ड दर्ज हुआ। राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के मौके पर 3600 से अधिक महिलाओं के पंजीयन के बीच 1000 से ज्यादा महिलाओं ने एक ही दिन में रक्तदान कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया। संस्था के प्रतिनिधियों ने मंच पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को विश्व रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र और मेडल सौंपा। कार्यक्रम में 200 बेड की विशेष व्यवस्था के साथ कुल 2500 यूनिट रक्तदान का लक्ष्य रखा गया।
देहदान व अंगदान की बड़ी मिसाल
समारोह में ‘प्रोजेक्ट दधीचि’ के अंतर्गत 31 नागरिकों ने मरणोपरांत देहदान का पुनीत संकल्प लिया, जिनमें पद्मश्री एवं धरसींवा विधायक अनुज शर्मा भी प्रमुखता से शामिल रहे। इस अभियान से अब तक 103 लोग जुड़ चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन के बाद भी किसी के काम आना सेवा का सर्वोच्च शिखर है, जो चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

आयुर्वेद व आधुनिक चिकित्सा का समन्वय
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन ज्ञान धरोहर है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत वैश्विक पहचान मिली है। प्रदेश सरकार आधुनिक चिकित्सा के साथ प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों को सशक्त कर रही है। वहीं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जानकारी दी कि रायपुर में 100 बिस्तरीय नया आयुर्वेदिक अस्पताल व चार नए योग-नेचुरोपैथी अस्पताल विकसित किए जा रहे हैं।

संवेदना और सेवा के विविध रूप
शिविर परिसर में जरूरतमंद बच्चों के लिए विशेष बुक, टॉय और स्टेशनरी कलेक्शन सेंटर भी स्थापित किए गए, जहां भारी मात्रा में शिक्षण सामग्री जुटाई गई। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित विधायकगण, सैन्य जवान और बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे।



