‘सत्ता खोकर अराजकता फैला रही कांग्रेस’: सक्ती में संगोष्ठी के दौरान भाजपा नेता प्रशांत सिंह ठाकुर का आरोप

‘लोकतंत्र बचाओ’ संगोष्ठी में कांग्रेस पर साधा निशाना; बोले- 10 बार कांग्रेस शासन में हुआ SIR, अब फर्जी वोट कटने पर फैला रहे भ्रम
🔴 सक्ती। भारतीय जनता पार्टी के देशव्यापी अभियान ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के तहत सक्ती में जिलाध्यक्ष टिकेश्वर सिंह गबेल की अध्यक्षता में एक विशाल संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रशांत सिंह ठाकुर ने विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि सत्ता गंवाने के बाद कांग्रेस पूरी तरह बौखला गई है और देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी कांग्रेस चुनाव हारती है, अपनी नाकामी छिपाने के लिए सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग, ईवीएम और अब मतदाता पुनरीक्षण (SIR) जैसी संवैधानिक प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े करने लगती है।
कांग्रेस शासन में 10 बार हुआ SIR, अब फैला रहे भ्रम
प्रशांत सिंह ठाकुर ने ऐतिहासिक तथ्यों का हवाला देते हुए बताया कि स्वतंत्र भारत में अब तक कुल 12 बार विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) हुआ है, जिसमें से 10 बार यह प्रक्रिया खुद कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकारों के कार्यकाल में संपन्न हुई। वर्ष 2002-03 और 2025 को छोड़ दें तो सभी पुनरीक्षण कांग्रेस के दौर में ही कराए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस के समय यह नियमित प्रशासनिक कार्य था, तो आज इसे लोकतंत्र पर हमला बताकर जनता को गुमराह क्यों किया जा रहा है।
मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं को हटाना आयोग का संवैधानिक दायित्व
भाजपा नेता ने स्पष्ट किया कि SIR घर-घर जाकर मतदाता सूची के सत्यापन की संवैधानिक व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य मृत, स्थायी रूप से पलायन कर चुके, दोहरे और अवैध घुसपैठियों के नाम हटाना है। उन्होंने आंकड़ों के आधार पर कहा कि चिन्हित 13 करोड़ प्रारंभिक रिकॉर्ड्स में 6.3 करोड़ स्थायी प्रवासी, 3 करोड़ अनुपस्थित, 2.8 करोड़ मृत और 1 करोड़ डुप्लीकेट नाम शामिल हैं। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा, “आखिर INDI गठबंधन मतदाता सूची में फर्जी, डुप्लीकेट और मृत लोगों के नाम क्यों बनाए रखना चाहता है?”
अराजक तत्वों और विदेशी फंडिंग वाले NGO पर साधा निशाना
श्री ठाकुर ने कहा कि विपक्षी दल हार की हताशा में चुनावी मशीनरी पर हमले करवा रहे हैं। बीएलओ, पुलिसकर्मियों और महिला अधिकारियों पर हमलों से लेकर बांग्लादेश जैसी स्थिति पैदा करने की धमकियां देना बेहद खतरनाक मानसिकता को दर्शाता है। संगोष्ठी में विशिष्ट अतिथि रामावतार अग्रवाल, प्रीतम गबेल, प्रदेश मंत्री श्रीमती विद्या सिदार, डॉ. खिलावन साहू, आचार्य राजेंद्र शर्मा, भुवन भास्कर यादव, सुश्री अन्नपूर्णा राठौर, संयोजक विनोद बंसल, नितिन सोनी, मांगेराम अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




