बड़ी खबर: पूर्व PM देवेगौड़ा ने सोनिया गांधी को लिखा पत्र, राहुल गांधी के नेतृत्व और संसद में ‘चाय-नाश्ता’ विरोध पर उठाए गंभीर सवाल!

नई दिल्ली: देश की राजनीति में उस वक्त हलचल मच गई जब पूर्व प्रधानमंत्री और वरिष्ठ नेता एचडी देवेगौड़ा ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक कड़ा पत्र लिखा। 92 वर्षीय देवेगौड़ा ने संसद के भीतर विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस सांसदों के व्यवहार पर अपनी गहरी नाराजगी और पीड़ा व्यक्त की है।
“संसद की सीढ़ियों पर चाय-नाश्ता करना अशोभनीय“
देवेगौड़ा ने अपने दो पन्नों के पत्र में संसद की सीढ़ियों (मकर द्वार) पर विपक्षी सांसदों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन के तरीके पर आपत्ति जताई। उन्होंने लिखा कि सदन की मर्यादा को ताक पर रखकर वहां बैठकर चाय-बिस्कुट और नाश्ता करना संसदीय परंपराओं का अपमान है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।

राहुल गांधी के नेतृत्व पर साधा निशाना
पूर्व प्रधानमंत्री ने सीधे तौर पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में हो रहे हंगामे और नारेबाजी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि तख्तियां दिखाना और बार-बार कार्यवाही को बाधित करना ‘अशोभनीय’ है। देवेगौड़ा ने सोनिया गांधी से अपील की है कि वे अपनी वरिष्ठता का उपयोग करें और विपक्षी सांसदों को संसदीय नियमों के दायरे में रहने की सलाह दें।
“यह मेरे जीवन का आखिरी सत्र हो सकता है”
अपने 65 साल के राजनीतिक करियर का हवाला देते हुए देवेगौड़ा भावुक भी नजर आए। उन्होंने लिखा, “यह मेरे जीवन का आखिरी संसदीय सत्र हो सकता है और मैं संसद को इस तरह के अराजक माहौल में नहीं देखना चाहता।” उन्होंने कहा कि सदन चर्चा के लिए है, न कि केवल शोर-शराबे के लिए।
विपक्ष और सरकार के बीच तकरार
यह पत्र ऐसे समय में आया है जब बजट सत्र के दौरान विपक्ष लगातार सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेर रहा है। देवेगौड़ा के इस पत्र ने अब विपक्ष के भीतर ही एक नई बहस छेड़ दी है, क्योंकि वे खुद एक वरिष्ठ विपक्षी नेता माने जाते रहे हैं।




