जिले में राजश्री गुटखा की कालाबाजारी GST की आड़ में ग्राहकों से अवैध वसूली का बड़ा सिंडिकेट सक्रिय

जांजगीर-चांपा। जिले में राजश्री गुटखा के नाम पर अवैध मुनाफे और कालाबाजारी का खेल खुलेआम चल रहा है। रसूखदार व्यापारियों और एजेंसी मालिकों ने मिलकर एक ऐसा सिंडिकेट तैयार किया है, जो शासन के नियमों को ताक पर रखकर निर्धारित मूल्य (MRP) से कहीं अधिक दामों पर गुटखा बेच रहा है। इस पूरी लूट के पीछे GST में हुई वृद्धि का हवाला देकर उपभोक्ताओं की जेब काटी जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, जिले के कुछ बड़े थोक व्यापारियों ने GST में 40% की बढ़ोतरी को ढाल बना लिया है। एजेंसी मालिक छोटे दुकानदारों से माल की सप्लाई के बदले तय कीमत से ज्यादा रकम वसूल रहे हैं। प्रशासनिक निगरानी शून्य होने के कारण यह काला कारोबार अब जिले के हर कोने तक फैल चुका है।
इस अवैध वसूली के चक्रव्यूह में छोटे दुकानदार बुरी तरह फंस चुके हैं। एक स्थानीय दुकानदार ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा:
“हमें निर्धारित मूल्य से काफी ऊंचे दाम पर गुटखा खरीदने को मजबूर किया जा रहा है। अगर हम इस अवैध वसूली का विरोध करते हैं, तो एजेंसी मालिक हमें माल की सप्लाई देना बंद करने की धमकी देते हैं। ऐसे में दुकान चलाने के लिए हमें ग्राहकों से ज्यादा पैसे लेने पड़ते हैं।
उपभोक्ता परेशान, विभाग की ‘खामोशी’ पर उठे सवाल
बाजार में 5 रुपये वाला गुटखा पाउच अब 7 से 8 रुपये में बिक रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि खाद्य विभाग और संबंधित अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण कालाबाजारी करने वालों के हौसले बुलंद हैं। स्थानीय लोगों ने अब सीधे कलेक्टर से मांग की है कि इस सिंडिकेट की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
बड़ा सवाल: क्या प्रशासन इन रसूखदार बिचौलियों पर नकेल कस पाएगा, या आम जनता इसी तरह अवैध वसूली का शिकार होती रहेगी?




