छत्तीसगढ़जाँजगीर -चाँपाधर्म भक्ति

चैत्र नवरात्रि 2026: डोली पर सवार होकर आएंगी मातारानी, 72 साल बाद बन रहा है दुर्लभ ‘त्रिवेणी संगम’

देवी मंदिरों में आज से जगमगाएंगे आस्था के दीप,नौ दिनों तक माता की आस्था में डूबा रहेगा अंचल


जांजगीर-चांपा। शक्ति की उपासना का महापर्व चैत्र नवरात्रि इस वर्ष 19 मार्च से श्रद्धा और उल्लास के साथ शुरू हो रहा है। इस बार नवरात्रि की शुरुआत शुक्ल, ब्रह्म और सर्वार्थ सिद्धि योग के दुर्लभ ‘त्रिवेणी संगम’ में हो रही है। ज्योतिषियों के अनुसार, लगभग 72 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद ऐसा अद्भुत संयोग बन रहा है, जो भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करने वाला और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत फलदायी सिद्ध होगा।


डोली पर आगमन, हाथी पर प्रस्थान
इस वर्ष चैत्र नवरात्रि आज गुरुवार से प्रारंभ हो रही है, इसलिए शास्त्रों के अनुसार मां दुर्गा का आगमन ‘डोली’ पर हो रहा है। हालांकि डोली का आगमन चुनौतियों का संकेत माना जाता है, लेकिन विधि-विधान से की गई पूजा सुख-समृद्धि और धन-धान्य के द्वार खोलती है। वहीं, माता का प्रस्थान (गमन) हाथी पर होगा, जो कि बहुत शुभ संकेत है। यह अच्छी वर्षा, उत्तम कृषि और आर्थिक संपन्नता का प्रतीक माना जाता है।


विक्रम संवत 2083 का शुभारंभ
चैत्र नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि से ही हिंदू नव वर्ष यानी विक्रम संवत 2083 का आरंभ हो जाएगा। इस नए संवत्सर का नाम ‘प्रमादी’ होगा, जो नई ऊर्जा और संकल्पों का प्रतीक है।

कलश स्थापना के शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सूर्योदय के समय होने के कारण इसी दिन कलश स्थापना का विधान रहेगा।अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:30 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक (अत्यंत श्रेष्ठ)।
प्रातः काल मुहूर्त: शास्त्रों के अनुसार सूर्योदय के पश्चात शुभ चौघड़िया में स्थापना फलदायी रहेगी।

जांजगीर-चांपा के प्रमुख मंदिरों में तैयारी
नवरात्रि को लेकर जिले के प्रसिद्ध देवी मंदिरों में ज्योति कलश स्थापना और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं: चंद्रपुर: मां चंद्रहासिनी मंदिर खोखरा: मां मनकादेई मंदिर
हरदी: मां महामाया देवी शिवरीनारायण: मां अन्नपूर्णा देवी
चांपा: मां समलेश्वरी मंदिर और मड़वारानी मंदिर इसके अलावा जांजगीर के देवी दाई मंदिर,शारदा मंदिर, दुर्गा मंदिर और मदनपुर गढ़ की मां के दरबार में भी भक्तों की भारी भीड़ जुटने की संभावना है।

9 दिनों की साधना का महत्व
नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। इन दिनों में उपवास और कन्या पूजन का विशेष महत्व है। मान्यता है कि छोटी कन्याओं को देवी का रूप मानकर उनका पूजन करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और साधक के जीवन के सभी कष्ट दूर करती हैं।

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