छत्तीसगढ़ में फिल्म सिटी और सेंसर बोर्ड की मांग, गिरधारी यादव ने केंद्र-राज्य सरकार को लिखा पत्र

छत्तीसगढ़ी फिल्म, कला और कलाकारों के विकास के लिए फिल्म सिटी, सेंसर बोर्ड सहित रजिस्ट्रेशन और कॉपीराइट व्यवस्था बनाने की मांग
🔴 Aaj Ki Baat News | जांजगीर चाम्पा
छत्तीसगढ़ी फिल्म लेखक-निर्देशक गिरधारी यादव ने छत्तीसगढ़ में फिल्म सिटी और सेंसर बोर्ड की स्थापना सहित फिल्म उद्योग से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं की मांग को लेकर केंद्र एवं राज्य सरकार को पत्र लिखा है। यादव ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र भेजकर छत्तीसगढ़ी फिल्म, कला एवं कलाकारों के विकास के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है।
फिल्म सिटी निर्माण की मांग
छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद छत्तीसगढ़ी फिल्मों के निर्माण का सिलसिला लगातार आगे बढ़ा है और राज्य सरकार ने फिल्म विकास निगम का गठन भी किया है। उनका कहना है कि फिल्म विकास निगम के गठन के साथ फिल्म निर्माण के लिए आवश्यक सुविधाओं का विकास भी जरूरी है। राज्य में फिल्म सिटी नहीं होने के कारण फिल्म निर्माण के दौरान कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार से छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग के विकास के लिए आवश्यक बजट उपलब्ध कराते हुए राज्य में फिल्म सिटी का निर्माण कराने की मांग की है।
सेंसर प्रमाणन और रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था
गिरधारी यादव ने पत्र में छत्तीसगढ़ में फिल्म सेंसर बोर्ड की स्थापना की मांग भी की गई है। यादव के अनुसार, फिल्म निर्माण के बाद सेंसर प्रमाणन के लिए वर्तमान में मुंबई से अनुमति लेनी पड़ती है। इसके चलते निर्माताओं को अधिक समय और अतिरिक्त खर्च की परेशानी से गुजरना पड़ता है।उन्होंने छत्तीसगढ़ में फिल्म राइटर और प्रोड्यूसर के रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था के साथ फिल्म स्क्रिप्ट के कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी रखी है।
चार संस्थाओं के गठन की मांग
गिरधारी यादव ने छत्तीसगढ़ में सीजी फिल्म सेंसर बोर्ड, सीजी राइटर एसोसिएशन, सीजी फिल्म प्रोड्यूसर एसोसिएशन और रजिस्ट्रेशन बोर्ड के गठन के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि इन व्यवस्थाओं से छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय फिल्म उद्योग, कला और कलाकारों के विकास में मदद मिल सकती है।
पत्र में उन्होंने छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और फिल्म निर्माण के इतिहास का भी उल्लेख किया है। यादव के अनुसार, छत्तीसगढ़ी भाषा की पहली फिल्म ‘कहीं देवे संदेश’ के निर्माण से छत्तीसगढ़ी फिल्म निर्माण की शुरुआत हुई। गिरधारी यादव ने भारतीय फिल्म उद्योग की तरह क्षेत्रीय छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग के विकास के लिए आवश्यक बजट उपलब्ध कराने और फिल्म निर्माण से संबंधित संस्थागत व्यवस्थाएं विकसित करने की मांग की है। पत्र की प्रतिलिपि छत्तीसगढ़ के संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल एवं फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन को भी प्रेषित की गई है।



