“बेसिक एजुकेशन और सीखने की क्षमता मजबूत होगी तो हर क्षेत्र में सफलता मिलेगी” – कलेक्टर

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत आयोजित कैरियर मार्गदर्शन एवं काउंसलिंग कार्यक्रम में छात्राओं को भविष्य की संभावनाओं, विषय चयन और कौशल विकास की दी जानकारी।
🔴 Aaj Ki Baat News | जांजगीर-चांपा
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत जिला मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम भवन में आयोजित कैरियर मार्गदर्शन एवं काउंसलिंग कार्यक्रम में बुधवार को कलेक्टर जन्मेजय महोबे शामिल हुए। कार्यक्रम में कक्षा 9वीं से 12वीं तक की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विशेषज्ञों ने छात्राओं को विभिन्न शैक्षणिक एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों, विषय चयन, प्रतियोगी परीक्षाओं, कौशल विकास तथा भविष्य की संभावनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
बुनियादी शिक्षा को बताया सफलता की कुंजी
कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को सही दिशा, उचित मार्गदर्शन और अपने भविष्य के प्रति जागरूक बनाना है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं के बिना समाज की कल्पना अधूरी है तथा उनके सशक्तिकरण से ही समाज और राष्ट्र का समग्र विकास संभव है। उन्होंने कहा कि मजबूत बुनियादी शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। यदि भाषा, गणित और सीखने की क्षमता मजबूत होगी तो किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करना आसान होगा। उन्होंने छात्राओं से पूरे उत्साह के साथ काउंसलिंग में भाग लेने और विशेषज्ञों से अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त करने की अपील की।
रुचि और क्षमता के अनुसार चुनें कैरियर
कलेक्टर ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए सही समय पर सही निर्णय लेना जरूरी है। छात्राएं अपनी रुचि, क्षमता और लक्ष्य के अनुरूप विषय एवं कैरियर का चयन करें। उन्होंने कहा कि गणित, विज्ञान, कॉमर्स और कला सभी विषय समान रूप से महत्वपूर्ण हैं और आज सरकारी नौकरी के अलावा व्यवसाय, विधि (लॉ), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सहित कई उभरते क्षेत्रों में भी बेहतर अवसर उपलब्ध हैं।
शिक्षा के साथ कौशल विकास पर दिया जोर
कलेक्टर ने छात्राओं को शिक्षा के साथ कम से कम एक कौशल विकसित करने की सलाह देते हुए कहा कि कौशल विकास आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और बदलते समय में सफलता के नए अवसर प्रदान करता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे कैरियर मार्गदर्शन एवं काउंसलिंग कार्यक्रम केवल जिला स्तर तक सीमित न रहें, बल्कि विकासखंड स्तर पर भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएं, ताकि जिले की अधिक से अधिक बालिकाएं इसका लाभ प्राप्त कर सकें।
कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती अनिता अग्रवाल, मास्टर काउंसलर संदीप सिंह, सुश्री अंकिता तिवारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेन्द्र सिंह जायसवाल, परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक तथा बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।





