जांजगीर-चांपा: चेक बाउंस मामलों के लिए विशेष लोक अदालत का सफल आयोजन, 43 प्रकरणों का हुआ निराकरण

विशेष लोक अदालत में 95.42 लाख रुपये से अधिक के अवार्ड पारित, आपसी समझौते से वर्षों पुराने विवादों का भी हुआ समाधान।
🔴 Aaj Ki Baat News | जांजगीर-चांपा
जांजगीर-चांपा जिला न्यायालय में शनिवार को चेक अनादरण (चेक बाउंस) मामलों के निराकरण के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान जिला न्यायालय सहित सभी तालुका न्यायालयों में गठित 12 खंडपीठों ने कुल 787 लंबित प्रकरणों में से 43 प्रकरणों का आपसी समझौते के आधार पर निराकरण किया। इन मामलों में कुल 95,42,947 रुपये का अवार्ड पारित किया गया। विशेष लोक अदालत का शुभारंभ छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश माननीय रमेश सिन्हा द्वारा दंतेवाड़ा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। जांजगीर जिला न्यायालय में माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सहअध्यक्ष सहित न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अन्य गणमान्यजनों की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी लगाया गया, जहां उपस्थित लोगों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
तीन वर्ष पुराने विवाद का हुआ अंत
विशेष लोक अदालत में तीन वर्षों से लंबित चेक बाउंस के तीन प्रकरणों का भी सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। करीब 14,400 रुपये के विवाद में दोनों पक्षों को समझाइश देकर आपसी सहमति से समझौता कराया गया। खंडपीठ ने पक्षकारों को बताया कि आपसी समझौता कटुता को समाप्त कर संबंधों को मजबूत बनाता है। इसके बाद दोनों पक्ष राजीनामे के लिए तैयार हो गए और मामला समाप्त हो गया।
11 लाख का विवाद 6 लाख रुपये में सुलझा
एक अन्य महत्वपूर्ण मामले में 11 लाख रुपये के चेक बाउंस विवाद का भी लोक अदालत में समाधान हुआ। काउंसलिंग और समझाइश के बाद दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से 6 लाख रुपये में राजीनामा कर लिया। समझौते के बाद न्यायालय ने प्रकरण का निराकरण कर दिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि विशेष लोक अदालत का उद्देश्य चेक बाउंस से जुड़े मामलों का त्वरित, सरल और सौहार्दपूर्ण समाधान कर न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम करना तथा पक्षकारों को शीघ्र न्याय उपलब्ध कराना है।




