धर्म भक्ति

आज से शुरू होंगे माँ के गुप्त नवरात्रि

जानें घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली/धर्म डेस्क: शक्ति की उपासना का पावन पर्व माघ गुप्त नवरात्रि आज यानी 19 जनवरी से शुरू हो गया है। सनातन धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है, लेकिन चैत्र और शारदीय नवरात्रि की तुलना में गुप्त नवरात्रि साधना और तंत्र-मंत्र के दृष्टिकोण से अधिक प्रभावशाली माने जाते हैं। आज 19 जनवरी से लेकर 27 जनवरी तक साधक माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों के साथ-साथ दस महाविद्याओं की गुप्त रूप से आराधना करेंगे।

आज घटस्थापना के लिए शुभ मुहूर्त

गुप्त नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना का विशेष महत्व होता है। यदि आप भी आज माँ की स्थापना कर रहे हैं, तो इन मुहूर्तों का ध्यान रखें:

 प्रातः काल मुहूर्त: सुबह 07:14 बजे से सुबह 10:46 बजे तक।

 अभिजीत मुहूर्त (सर्वश्रेष्ठ): दोपहर 12:11 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक।

क्यों कहा जाता है इन्हें ‘गुप्त’ नवरात्रि

हिंदू पंचांग के अनुसार, साल में चार नवरात्रि आते हैं। माघ और आषाढ़ मास में आने वाले नवरात्रों को ‘गुप्त नवरात्रि’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें सार्वजनिक उत्सव के बजाय व्यक्तिगत और गोपनीय साधना पर जोर दिया जाता है। मान्यता है कि इस दौरान की गई पूजा और मंत्रों का जाप जितना गुप्त रखा जाता है, देवी उतनी ही प्रसन्न होती हैं और साधक की मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं।

सामान्य और गुप्त नवरात्रि में अंतर

जहाँ चैत्र और शारदीय नवरात्रि में सात्विक पूजा, गरबा और कन्या पूजन का उत्साह होता है, वहीं गुप्त नवरात्रि मुख्य रूप से कठिन साधना और तांत्रिक उपासना के लिए प्रसिद्ध हैं। यह समय विशेष रूप से उन लोगों के लिए फलदायी है जो जीवन की जटिल बाधाओं से मुक्ति पाना चाहते हैं या शक्ति अर्जन करना चाहते हैं।

साधना का महत्व

इन नौ दिनों में माँ काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी की पूजा की जाती है। यदि कोई साधारण गृहस्थ भी पूरी श्रद्धा से माँ की आराधना करता है, तो उसके घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-समृद्धि का वास होता है।

Back to top button