
मेरठ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ में रैपिड रेल और मेट्रो परियोजना के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए AI समिट को लेकर कांग्रेस पर सीधा और तीखा हमला बोला। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में आयोजित वैश्विक AI सम्मेलन देश के लिए गर्व का विषय था, लेकिन कांग्रेस ने इसे राजनीतिक विवाद में बदलकर भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। प्रधानमंत्री ने कहा कि AI समिट किसी एक सरकार या पार्टी का आयोजन नहीं था, बल्कि यह पूरे देश के सम्मान और भारत की तकनीकी क्षमता को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उससे जुड़े नेताओं ने इस अवसर पर जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाने के बजाय नकारात्मक राजनीति को प्राथमिकता दी।
“देश आगे बढ़ रहा है, लेकिन कांग्रेस को तकलीफ”
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत आज विकास, नवाचार और तकनीक के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। AI जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भारत की भागीदारी और नेतृत्व से देश की वैश्विक पहचान मजबूत हो रही है, लेकिन कांग्रेस को यह प्रगति रास नहीं आ रही। उन्होंने कहा कि जब देश की उपलब्धियों की सराहना होनी चाहिए, तब कांग्रेस उसे विवादों में घसीटने का काम कर रही है।
संसद की कार्यवाही का भी किया ज़िक्र
प्रधानमंत्री ने विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस संसद की कार्यवाही में बार-बार बाधा डालती है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं प्रभावित होती हैं। उन्होंने कहा कि संसद में चर्चा और संवाद की जगह हंगामे की राजनीति ने ले ली है, जो लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है।
राष्ट्रीय कार्यक्रमों पर राजनीति न करने की अपील
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस से अपील की कि राष्ट्रीय और वैश्विक महत्व के कार्यक्रमों को दलगत राजनीति से ऊपर रखकर देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से देश का मान बढ़ता है और पूरी दुनिया में भारत की साख मजबूत होती है।
सियासी तापमान बढ़ने के संकेत
मेरठ के मंच से दिए गए प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल के और गरमाने के संकेत हैं। AI समिट को लेकर पहले से जारी बयानबाजी के बीच प्रधानमंत्री के कांग्रेस पर हमले ने सियासी बहस को नया मोड़ दे दिया है। रैपिड रेल और मेट्रो परियोजना के उद्घाटन के साथ यह कार्यक्रम राजनीतिक रूप से भी चर्चा का केंद्र बन गया है।




