नैला रेलवे फाटक पर फूटा जनता का आक्रोश: विधायक के नेतृत्व में चक्काजाम, थम गए पहिए

ओवरब्रिज निर्माण और ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर नगर बंद; व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों का मिला भारी समर्थन
जांजगीर-नैला। जिला मुख्यालय जांजगीर के नैला रेलवे फाटक पर रोज-रोज लगने वाले जाम और वर्षों से लंबित ओवरब्रिज निर्माण की मांग को लेकर शुक्रवार, 6 मार्च को जन-आंदोलन का शंखनाद हो गया। क्षेत्रीय विधायक ब्यास कश्यप के नेतृत्व में बड़ी संख्या में नागरिक, व्यापारी और जनप्रतिनिधि सड़कों पर उतरे, जिससे नैला-जांजगीर मुख्य मार्ग पूरी तरह ठप रहा।
परशुराम चौक पर धरना, तीन विधायकों का मिला साथ
आंदोलन की शुरुआत नैला के परशुराम चौक से हुई, जहाँ विधायक ब्यास कश्यप के साथ अकलतरा विधायक राघवेंद्र कुमार सिंह और जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू भी धरने पर बैठे। नैला नगर व्यापारी संघ ने भी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखकर इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया। आंदोलनकारियों का कहना है कि बजट में प्रस्ताव शामिल होने के बावजूद ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू न होना प्रशासन की घोर लापरवाही है।

आम जनता और मरीजों की बढ़ी मुसीबत
नैला फाटक बंद होने से बलौदा, पहरिया और पंतोरा मार्ग से आने-जाने वाले हजारों लोग रोजाना घंटों जाम में फंसते हैं। विधायक ब्यास कश्यप ने कहा कि एंबुलेंस और स्कूली बच्चे इस जाम के कारण सबसे ज्यादा परेशान होते हैं। कई बार आपातकालीन स्थितियों में मरीजों की जान पर बन आती है, लेकिन रेलवे और जिला प्रशासन अब तक मौन है।
ये हैं प्रमुख मांगें:
01 नैला रेलवे फाटक पर तत्काल रेल ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण। 02 मिशन अस्पताल चांपा समपार पर अंडरब्रिज का निर्माण। 03 नहरिया बाबा के पास फुट ओवरब्रिज का निर्माण।04 जांजगीर-नैला स्टेशन पर गोंडवाना एक्सप्रेस और साउथ बिहार एक्सप्रेस का ठहराव। 05 स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का विस्तार।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, एम्बुलेंस को दी गई राह

आंदोलन के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि, संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों ने एम्बुलेंस और स्कूल बसों के लिए वैकल्पिक मार्गों से आवागमन की छूट दी। आंदोलनकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जब तक निर्माण कार्य और अन्य मांगों पर ठोस लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।




