जांजगीर पुलिस की अनोखी पहल: बिखरते परिवारों को जोड़ रहा परामर्श केंद्र, सुलह करने वाले दंपत्ति अब दूसरों को समझा रहे नशे के दुष्परिणाम

13 प्रकरणों में काउंसलिंग के बाद 3 परिवारों में लौटीं खुशियां; डेढ़ महीने में 37 टूटे रिश्तों का हुआ पुनर्मिलन
जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा पुलिस का ‘परिवार परामर्श केंद्र’ पारिवारिक विवादों और बिखरते रिश्तों को बचाने में बेहद असरदार साबित हो रहा है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में परामर्श केंद्र द्वारा 1 जुलाई से 10 अगस्त तक कुल 312 मामलों में काउंसलिंग व सुनवाई की गई, जिसमें से 37 परिवारों में सफल राजीनामा कराकर उन्हें फिर से एक साथ रहने के लिए तैयार किया गया।
3 परिवारों ने फिर थामा एक-दूसरे का हाथ
10 अगस्त को डीएसपी (अजाक) श्रीमती सतरूपा तारम की मौजूदगी में काउंसलिंग समिति ने 13 मामलों की सुनवाई की। काउंसलर्स द्वारा दोनों पक्षों को आपसी संवाद और समझाइश देने के बाद 3 परिवारों में राजीनामा हुआ और वे खुशी-खुशी साथ रहने के लिए तैयार हो गए। वहीं, 52 मामलों में न्यायालय जाने की सलाह दी गई और 11 मामलों में वैधानिक कार्रवाई की गई।
राजीनामा करने वाले दंपत्ति बने ‘बदलाव के ब्रांड एंबेसडर’
जांजगीर परामर्श केंद्र ने एक नई और अनोखी पहल की शुरुआत की है। जिन परिवारों का आपस में राजीनामा कराया गया, उन्हें नशाखोरी से ग्रसित एक दूसरे परिवार को समझाइश देने की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने काउंसलिंग से मिले अपने अनुभवों को साझा करते हुए संबंधित परिवार को नशे के नुकसान और उससे टूटते रिश्तों के प्रति जागरूक किया।
टीम का सराहनीय योगदान
इस पूरी व्यवस्था को सफल बनाने में काउंसलिंग समिति के साथ-साथ महिला थाना प्रभारी सिलमानी टोप्पो, एएसआई ज्ञान प्रकाश खाखा, महिला प्रधान आरक्षक निशा पाण्डेय और एनुका तिर्की का विशेष योगदान रहा।




