रायपुर: विधानसभा बनी लोकतंत्र की पाठशाला, शकुंतला विद्यालय के विद्यार्थियों ने देखी सदन की कार्यवाही

शैक्षणिक भ्रमण पर पहुंचे विद्यार्थियों ने प्रश्नकाल और संसदीय प्रक्रियाओं का किया अवलोकन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से भी की मुलाकात।
🔴 Aaj Ki Baat News | रायपुर
छत्तीसगढ़ विधानसभा के पावस सत्र के दौरान मंगलवार को भिलाई स्थित शकुंतला विद्यालय के कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं का दल शैक्षणिक भ्रमण पर विधानसभा पहुंचा। विद्यार्थियों ने सदन की कार्यवाही का प्रत्यक्ष अवलोकन कर लोकतांत्रिक व्यवस्था, संसदीय परंपराओं और विधानमंडल की कार्यप्रणाली को निकट से समझने का अवसर प्राप्त किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से भी मुलाकात की। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और विधायक रिकेश सेन भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि आज के विद्यार्थी ही विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के भविष्य के निर्माता हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि जनप्रतिनिधियों के माध्यम से जनता की आकांक्षाओं को सदन में अभिव्यक्त करने की सतत प्रक्रिया है। उन्होंने बताया कि विधानसभा में जनहित से जुड़े विषयों पर सार्थक चर्चा होती है और जनता के कल्याण के लिए नीतियां एवं कानून बनाए जाते हैं।
संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को समझने की सीख
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए अध्ययन के साथ संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली समझने, संविधान के प्रति सम्मान विकसित करने और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।
प्रश्नकाल और संसदीय प्रक्रिया को करीब से देखा
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने दर्शक दीर्घा से प्रश्नकाल, विभिन्न विषयों पर चर्चा और संसदीय प्रक्रियाओं का अवलोकन किया। साथ ही विधानसभा भवन की संरचना और कार्यप्रणाली से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्राप्त कीं। विद्यार्थियों ने इस अनुभव को ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और अविस्मरणीय बताते हुए कहा कि पुस्तकों में पढ़ी गई संसदीय व्यवस्था को प्रत्यक्ष रूप से देखने से लोकतंत्र, संविधान और जनप्रतिनिधियों की भूमिका के प्रति उनकी समझ और अधिक मजबूत हुई।




