रायपुर: फर्जी ऋण घोटाले पर विधायक शेषराज हरबंश ने सरकार को घेरा, 600 किसानों के CIBIL स्कोर का उठाया मुद्दा

पामगढ़ विधायक शेषराज हरबंश ने आरोप लगाया कि कथित फर्जी ऋण प्रकरण से करीब 600 किसानों का CIBIL स्कोर प्रभावित हुआ है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और प्रभावित किसानों को राहत देने की मांग की।
🔴 Aaj Ki Baat News | रायपुर
छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में सोमवार को पामगढ़ विधायक शेषराज हरबंश ने कथित फर्जी ऋण घोटाले को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए। मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के नाम पर फर्जी ऋण स्वीकृत किए गए, जिससे प्रदेश के करीब 600 किसानों का CIBIL स्कोर प्रभावित हुआ है और उन्हें नए ऋण सहित अन्य बैंकिंग सुविधाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर उठाए सवाल
विधायक हरबंश ने कहा कि मामले में कई कर्मचारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारियों के विरुद्ध अब तक कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच प्रक्रिया में शीर्ष अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष पड़ताल नहीं हो रही है।
दो एफआईआर, 16 गिरफ्तारियों का दावा
विधायक के अनुसार, इस मामले में रामानुजगंज थाना में एफआईआर क्रमांक 157/2024 तथा कुसमी थाना में एफआईआर क्रमांक 0039 दर्ज है। उन्होंने दावा किया कि दोनों मामलों में संस्था प्रबंधकों, लिपिकों, कंप्यूटर ऑपरेटरों सहित 16 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। उनका कहना है कि विभागीय मंत्री भी इन गिरफ्तारियों की पुष्टि कर चुके हैं।
किसानों को हो रही परेशानी का लगाया आरोप
हरबंश ने आरोप लगाया कि प्रभावित किसानों के नाम अब भी बैंक रिकॉर्ड में ऋणधारी के रूप में दर्ज हैं। इसके कारण उनका CIBIL स्कोर प्रभावित हुआ है और उन्हें नए ऋण नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों में किसानों की धान बिक्री की राशि से कथित फर्जी ऋण के नाम पर कटौती की जा रही है।
सरकार से कीं ये प्रमुख मांगें
विधायक ने सरकार से प्रभावित किसानों के नाम कथित फर्जी ऋण रिकॉर्ड से हटाने, उन्हें क्लीन चिट देने, उनका CIBIL स्कोर सुधारने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि पूरे प्रदेश में निष्पक्ष जांच कराई जाए तो ऐसे और मामले सामने आ सकते हैं।




