किसानों की उम्मीदों पर पानी फेरने वाला बजट, कागजों में हितैषी पर हकीकत में दमनकारी सरकार – राजेश अग्रवाल

जांजगीर-चांपा। वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा मंगलवार को विधानसभा में पेश किए गए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को जिला कांग्रेस कमेटी जांजगीर-चांपा ने निराशाजनक बताया है। जिला अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट प्रदेश के अन्नदाता की अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरा नहीं उतरा है। राजेश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार खुद को किसानों का हितैषी बताने का ढोंग कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर धान खरीदी को लेकर किसानों को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान बेचने पहुंचने वाले किसानों पर नए-नए नियम और शर्तें थोपी जा रही हैं, ताकि उन्हें अपनी उपज बेचने से वंचित किया जा सके। सरकार धान खरीदी में लगातार आना-कानी कर रही है, जिससे किसान खुद को ठगा महसूस कर रहा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने खरीदी केंद्रों की अव्यवस्थाओं पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्रों में जानबूझकर तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनें खड़ी की जा रही हैं। सर्वर की समस्या से लेकर बारदाने और तौल में देरी जैसी दिक्कतों के कारण किसानों को केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे न केवल उनका समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि उन्हें भारी आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। जिलाध्यक्ष ने बजट की आलोचना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का आधार कृषि और किसान हैं। इसके बावजूद बजट में किसानों की आय दोगुनी करने या उनके संकट को दूर करने के लिए कोई ठोस और भरोसेमंद रोडमैप नजर नहीं आता।




