नैला रेलवे फाटक की समस्या पर आर-पार की जंग: कल जांजगीर-नैला बंद, चक्काजाम से थमेगी रफ्तार

जांजगीर-चांपा। जांजगीर-नैला रेलवे स्टेशन के पश्चिम केबिन के पास लंबे समय से लंबित रेल ओवरब्रिज (ROB) निर्माण की मांग को लेकर क्षेत्र की जनता का धैर्य अब जवाब दे गया है। रेलवे प्रशासन की कथित उदासीनता और वर्षों से जारी जाम की समस्या के विरोध में आज, 6 मार्च को नगर बंद और चक्काजाम का आह्वान किया गया है। स्थानीय विधायक ब्यास कश्यप के नेतृत्व में चेंबर ऑफ कॉमर्स, व्यापारी संगठनों और आम नागरिकों ने इस आंदोलन को ‘आर-पार की लड़ाई’ करार दिया है। आंदोलनकारियों का कहना है कि नैला रेलवे फाटक पर ट्रेनों की अत्यधिक आवाजाही के कारण फाटक अधिकांश समय बंद रहता है। इससे न केवल आम राहगीर, बल्कि विद्यार्थी, व्यापारी और दैनिक यात्री भी बुरी तरह प्रभावित होते हैं। सबसे गंभीर स्थिति तब उत्पन्न होती है जब एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहन इस जाम में फंस जाते हैं, जिससे जान-माल का खतरा बना रहता है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बार-बार पत्राचार और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के बावजूद रेलवे प्रशासन ने अब तक कोई ठोस पहल नहीं की है।
विधायक ब्यास कश्यप का कड़ा रुख
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे विधायक ब्यास कश्यप ने कहा, “नैला रेलवे फाटक की समस्या अब क्षेत्र के विकास में सबसे बड़ी बाधा बन चुकी है। जनता वर्षों से इस नारकीय स्थिति को झेल रही है। प्रशासन और रेलवे को अब जागना होगा। जब तक ओवरब्रिज निर्माण और हमारी अन्य जायज मांगों पर लिखित और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह संघर्ष रुकने वाला नहीं है।”

आंदोलन की प्रमुख मांगें
आंदोलन समिति के सदस्य विवेक सिंह सिसोदिया के अनुसार, यह चक्काजाम सुबह 6 बजे से परशुराम चौक और गायत्री मंदिर के पास प्रारंभ होगा। प्रमुख मांग: नैला रेलवे फाटक पर तत्काल रेल ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण शुरू करना। अंडरब्रिज की मांग: मिशन अस्पताल चांपा समपार पर सुरक्षित आवाजाही हेतु अंडरब्रिज का निर्माण। ट्रेनों का ठहराव: जांजगीर-नैला स्टेशन पर गोंडवाना एक्सप्रेस और साउथ बिहार एक्सप्रेस का स्टॉपेज सुनिश्चित करना।
स्टेशन विकास : स्टेशन परिसर में यात्री सुविधाओं और बुनियादी ढांचे का विस्तार।
व्यापारियों और संगठनों का समर्थन
इस बंद को चेंबर ऑफ कॉमर्स और स्थानीय छोटे-बड़े व्यापारी संगठनों ने अपना पूर्ण समर्थन दिया है। आयोजकों ने शहर के सभी जागरूक नागरिकों और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस जनहित के मुद्दे को सफल बनाएं। प्रशासन ने भी स्थिति को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।




