बिर्रा के कैथा में बिरतिया बाबा धाम: नागपंचमी पर उमड़ेगा आस्था का सैलाब, 17 अगस्त को भव्य मेला

लोकआस्था के प्रमुख केंद्र बिरतिया बाबा धाम में नागपंचमी पर विशेष पूजा-अर्चना, हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
🔴 Aaj Ki Baat News | सक्ति
ग्राम पंचायत कैथा स्थित बिरतिया बाबा धाम क्षेत्र की लोकआस्था, विश्वास और धार्मिक परंपराओं का प्रमुख केंद्र माना जाता है। नागपंचमी के अवसर पर यहां विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान होते हैं, जिसमें दूर-दराज से श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
लोकमान्यता से जुड़ा है मंदिर का इतिहास
ग्रामीणों के अनुसार, वर्षों पहले एक व्यक्ति के गले में मछली की हड्डी फंस गई थी, जिससे वह काफी परेशान था। इसी दौरान उसे सपने में एक नाग दिखाई दिया। बताया जाता है कि नाग को सुरक्षित स्थान देने और उसकी पूजा-अर्चना करने के बाद व्यक्ति की समस्या दूर हो गई। इसके बाद उस स्थान पर बिरतिया बाबा की स्थापना हुई और धीरे-धीरे यह स्थल क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक केंद्र के रूप में पहचान बनाने लगा।

एक चुटकी मिट्टी से जुड़ी आस्था
मंदिर से जुड़ी स्थानीय मान्यता के अनुसार, सर्पदंश की घटना के बाद पीड़ित को बाबा के दरबार में लाकर आशीर्वाद दिलाया जाता है और मंदिर परिसर की मिट्टी खिलाई जाती है। स्थानीय लोगों में इसे लेकर गहरी आस्था है।

नागपंचमी पर विशेष आयोजन
कैथा स्थित बिरतिया बाबा धाम में नागपंचमी के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। इस दिन मंदिर परिसर श्रद्धालुओं की भीड़ और धार्मिक जयकारों से भक्तिमय हो जाता है। श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना करते हैं।
17 अगस्त को लगेगा भव्य मेला
इस वर्ष 17 अगस्त 2026 को नागपंचमी के अवसर पर बिरतिया बाबा धाम कैथा में भव्य मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। मेले में झूले, खिलौने, मिठाई, घरेलू सामान और मनोरंजन से जुड़ी विभिन्न दुकानें सजेंगी। बच्चों, युवाओं और महिलाओं के लिए भी मेला आकर्षण का केंद्र रहेगा।
दूर-दराज से पहुंचते हैं श्रद्धालु
बिरतिया बाबा धाम केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की लोकआस्था और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। नागपंचमी यहां का प्रमुख धार्मिक अवसर माना जाता है। सक्ती, जांजगीर-चांपा, सारंगढ़-बिलाईगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस बार भी 17 अगस्त को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
आस्था और परंपरा का संगम
नागपंचमी के अवसर पर बिरतिया बाबा धाम में पूजा-अर्चना के साथ लगने वाला मेला क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत करता है। श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर आशीर्वाद लेते हैं और मेले में परिवार के साथ धार्मिक उत्सव का आनंद उठाते हैं।




