अग्निवीर भर्ती में जांजगीर-चांपा के 175 युवाओं ने रचा इतिहास, सम्मान समारोह में कलेक्टर ने बढ़ाया उत्साह

भारतीय थलसेना में चयनित युवाओं का सम्मान, विशेष प्रशिक्षण शिविर की पहल से मिली बड़ी सफलता
🔴 Aaj Ki Baat News | जांजगीर-चांपा
भारतीय थलसेना की अग्निवीर भर्ती में जांजगीर-चांपा जिले के युवाओं ने उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए जिले का गौरव बढ़ाया है। मई-जून 2025 में आयोजित ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा (CEE) और इसके बाद हुए शारीरिक दक्षता परीक्षण के आधार पर जिले के 175 युवाओं का अंतिम रूप से अग्निवीर के रूप में चयन हुआ है। इस उपलब्धि पर आकांक्षा आवासीय विद्यालय में सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जहां कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने चयनित युवाओं को मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया।
जिले की विशेष पहल बनी सफलता की आधारशिला
डिप्टी कलेक्टर एवं जिला खेल अधिकारी सुब्रत प्रधान ने बताया कि सेना भर्ती में अधिक से अधिक युवाओं को सफलता दिलाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने भूतपूर्व सैनिक संघ के सहयोग से विशेष आवासीय प्रशिक्षण शिविर संचालित किया था। 9 सितंबर 2025 से 10 जनवरी 2026 तक चले इस प्रशिक्षण शिविर में युवाओं को सेना भर्ती की शारीरिक परीक्षा के अनुरूप नियमित अभ्यास कराया गया।
अनुभवी प्रशिक्षकों ने निखारी युवाओं की क्षमता
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिदिन सुबह और शाम युवाओं को दौड़, बीम, बैलेंसिंग बीम, लंबी कूद, गड्ढा कूद, ऊंचाई मापन सहित विभिन्न शारीरिक गतिविधियों का अभ्यास कराया गया। भूतपूर्व सैनिक संघ के अनुभवी सदस्यों ने फिटनेस, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता के गुण भी विकसित किए। इस पहल का सकारात्मक परिणाम सामने आया और बड़ी संख्या में युवाओं ने भर्ती प्रक्रिया में सफलता हासिल की।
देश सेवा का अवसर, जिले के लिए गौरव का क्षण
सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने चयनित युवाओं और उनके परिजनों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और समर्पण की बदौलत युवाओं ने यह उपलब्धि हासिल की है। सैनिक देश की सुरक्षा और शक्ति के आधार स्तंभ होते हैं तथा राष्ट्र सेवा से बड़ा कोई कर्तव्य नहीं है।
अन्य युवाओं के लिए बनेंगे प्रेरणा स्रोत
कलेक्टर ने चयनित युवाओं से प्रशिक्षण व्यवस्था को लेकर फीडबैक भी लिया और भविष्य में इसे और प्रभावी बनाने के सुझाव आमंत्रित किए। उन्होंने विश्वास जताया कि चयनित युवा अपने उत्कृष्ट कार्यों से जिले, प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे तथा आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे।




