Chhattisgarh

जशपुर ने रचा इतिहास: 2 लाख से अधिक सीडबॉल प्रसार कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम

बीज गोला बनाबो, जशपुर के जंगल ला बढ़ाबो’ अभियान ने बनाया विश्व रिकॉर्ड, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में मिला प्रमाण-पत्र

🔴 Aaj Ki Baat News | रायपुर

छत्तीसगढ़ के जशपुर वनमण्डल ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करते हुए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा लिया है। जिले में एक ही दिन में 2 लाख से अधिक सीडबॉल के प्रसार और रोपण का कार्य कर यह उपलब्धि हासिल की गई। बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में जशपुर वनमण्डल को आधिकारिक प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री की मौजूदगी में मिला सम्मान

गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की राज्य प्रमुख सोनल राजेश शर्मा ने जशपुर वनमण्डल को आधिकारिक प्रमाण-पत्र सौंपा। वनमण्डल की ओर से वनमण्डलाधिकारी शशि कुमार ने यह सम्मान ग्रहण किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की भी उपस्थिति रही।

जनभागीदारी से बना विश्व रिकॉर्ड

जशपुर वनमण्डल द्वारा संचालित “बीज गोला बनाबो, जशपुर के जंगल ला बढ़ाबो” अभियान के तहत जिलेभर में बड़े स्तर पर सीडबॉल प्रसार कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान में ग्रामीणों, विद्यार्थियों, महिला स्व-सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों, वन विभाग के कर्मचारियों और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। हजारों लोगों की सहभागिता से एक ही दिन में 2 लाख से अधिक सीडबॉल का प्रसार कर नया रिकॉर्ड स्थापित किया गया।

पर्यावरण संरक्षण का बना मॉडल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर जशपुर वनमण्डल और अभियान से जुड़े सभी लोगों को बधाई देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार का दायित्व नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यह अभियान जनसहभागिता और प्रकृति संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है।

अन्य जिलों के लिए प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन, प्रशासन और समाज जब किसी सकारात्मक उद्देश्य के लिए एकजुट होते हैं तो बड़े से बड़े लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं। यह उपलब्धि न केवल जशपुर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।

राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी पहचान

इस उपलब्धि से जशपुर जिले को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। अभियान ने यह साबित किया है कि सामुदायिक सहभागिता और जनजागरूकता के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में प्रभावी और सकारात्मक परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।

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