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दीपावली पर मां लक्ष्मी-गणेश की पूजा कैसे करें? जानिए सामग्री से लेकर आरती तक की पूरी विधि

दीपावली की शाम घरों और प्रतिष्ठानों में होगी विशेष पूजा-अर्चना, पूजन से पहले थाली में रखें ये जरूरी सामग्री

🔴 आज की बात | जांजगीर-चांपा। दीपावली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। यही वजह है कि दीपावली की शाम लोग घरों और दुकानों में पूजा की तैयारी करते हैं। कई जगहों पर व्यापारी बही-खाते और तिजोरी का पूजन भी करते हैं।

पूजा के लिए बहुत अधिक सामग्री जुटाने की जरूरत नहीं होती। रोली, अक्षत, फूल, दीपक, धूप, मिठाई और फल जैसी सामान्य सामग्री से भी श्रद्धापूर्वक पूजन किया जा सकता है। आइए जानते हैं दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन की सामान्य विधि और जरूरी सामग्री।

पूजा के लिए क्या-क्या रखें?

लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति या तस्वीर, चौकी, लाल या पीला कपड़ा, कलश, जल, नारियल, आम के पत्ते, रोली, कुमकुम, हल्दी, चंदन, अक्षत, फूल, माला, दूर्वा, धूप, अगरबत्ती, कपूर, घी या तेल के दीपक, रूई की बाती, फल, मिठाई, खील-बताशे और पूजा की थाली प्रमुख सामग्री में शामिल हैं। पंचामृत बनाना हो तो दूध, दही, घी, शहद और शक्कर भी रख सकते हैं। व्यापारी पूजन के लिए बही-खाता और तिजोरी की चाबी भी पूजा स्थल पर रखते हैं।

ऐसे करें लक्ष्मी-गणेश का पूजन

दीपावली की शाम घर के पूजा स्थल की सफाई कर चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं। उस पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। पास में जल से भरा कलश रखें। आम के पत्ते और नारियल से कलश सजाने की परंपरा भी है। पूजा की शुरुआत भगवान गणेश के पूजन से करें। उन्हें रोली, अक्षत, फूल और दूर्वा अर्पित करें। इसके बाद मां लक्ष्मी को कुमकुम, चंदन, अक्षत और फूल चढ़ाएं। दोनों देवताओं के सामने दीपक जलाकर फल, मिठाई और खील-बताशे का भोग लगाएं।

भगवान गणेश की पूजा के समय ‘ॐ गं गणपतये नमः’ और मां लक्ष्मी की आराधना के समय ‘ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः’ मंत्र का जाप किया जा सकता है। इसके बाद परिवार के सभी सदस्य मिलकर आरती करें।

आरती के बाद करें दीप प्रज्वलित

पूजा पूरी होने के बाद मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की आरती की जाती है। मां लक्ष्मी की आरती ‘ॐ जय लक्ष्मी माता’ और भगवान गणेश की आरती ‘जय गणेश जय गणेश देवा’ प्रचलित हैं। आरती के बाद प्रसाद वितरित करें। इसके बाद घर के मुख्य द्वार, आंगन, पूजा स्थल और अन्य स्थानों पर दीपक जलाएं। कई परिवारों में तुलसी के पास दीप रखने की भी परंपरा है। दीपक को सुरक्षित स्थान पर रखें और जलते हुए दीपों को बिना निगरानी के न छोड़ें।

व्यापारी करते हैं बही-खाते और तिजोरी का पूजन

दीपावली पर दुकानों और प्रतिष्ठानों में भी लक्ष्मी-गणेश की पूजा की जाती है। व्यापारी अपने बही-खाते, तिजोरी और कारोबार में इस्तेमाल होने वाली सामग्री का पूजन कर नए वर्ष में व्यापार की उन्नति की कामना करते हैं। कई जगह भगवान कुबेर की पूजा भी की जाती है।

पूजा में इन बातों का रखें ध्यान

पूजा स्थल साफ रखें और पूजन सामग्री पहले से तैयार कर लें। पूजा का समय स्थानीय पंचांग के अनुसार तय करें, क्योंकि मुहूर्त शहर के हिसाब से अलग हो सकता है। परिवार में चली आ रही परंपरा के अनुसार पूजा करना उचित है। किसी सामग्री के उपलब्ध नहीं होने पर पूजा को लेकर अनावश्यक चिंता न करें।

दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन की परंपरा के पीछे सुख-समृद्धि, शुभता और मंगलकामना का भाव जुड़ा है। परिवार के साथ पूजा, आरती और दीप प्रज्वलन के बीच यह पर्व घरों में खुशियों और आपसी सद्भाव का संदेश लेकर आता है।

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