“न जायते म्रियते वा कदाचित्, न्नायं भूत्वा भविता वा न भूयः” – राजेश्री महन्त जी

श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ में शामिल हुए छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष
शिवरीनारायण। छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज केसरवानी कल्याण भवन, शिवरीनारायण में कटकवार परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ में सम्मिलित हुए। आयोजन समिति एवं कटकवार परिवार द्वारा उनका आत्मीय स्वागत किया गया।
इस अवसर पर राजेश्री महन्त जी महाराज ने व्यास पीठ पर विराजित आचार्य ओमप्रकाश शर्मा जी का शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। वहीं आचार्य शर्मा जी ने पुष्पमाला अर्पित कर उनका अभिनंदन किया।
आत्मा अमर और शाश्वत है : राजेश्री
श्रोताओं को संबोधित करते हुए राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने कहा कि आत्मा का न जन्म होता है और न ही मृत्यु। आत्मा शाश्वत, चिरंतन और अमर है। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता का उल्लेख करते हुए कहा
“न जायते म्रियते वा कदाचित्, न्नायं भूत्वा भविता वा न भूयः।”
उन्होंने कहा कि कटकवार परिवार ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति एवं मोक्ष प्राप्ति के उद्देश्य से इस धार्मिक आयोजन का आयोजन किया है। भगवान श्री शिवरीनारायण से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने चरणों में स्थान प्रदान करें।

संतों के दर्शन से मिलता है पुण्य : आचार्य शर्मा
व्यास पीठ से आचार्य ओमप्रकाश शर्मा जी ने कहा कि पूज्य महन्त जी महाराज का स्नेह और आशीर्वाद सदैव प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि संत-महात्माओं के दर्शन मात्र से अनंत पुण्य की प्राप्ति होती है और उनके आगमन से यह आयोजन सफल एवं धन्य हुआ है।
कार्यक्रम में शिवरीनारायण मठ ट्रस्ट समिति के सदस्य सुखराम दास जी, पुरेंद्र सोनी, अंकित दुबे, राहुल मिश्रा, राहुल तिवारी सहित आयोजक परिवार से गौरीशंकर कटकवार, रवि कटकवार एवं परिवारजन उपस्थित रहे। इसके अलावा जांजगीर से बेनीराम कटकवार, हरिहर कटकवार, छतराम कहरा, मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।





