शतरंज बच्चों के मानसिक विकास का सशक्त माध्यम : कलेक्टर जन्मेजय महोबे


जिला शतरंज संघ एवं डीबी वेंचर्स के संयुक्त तत्वावधान में जांजगीर में हुआ आयोजन
जांजगीर चाम्पा। बच्चों में बौद्धिक विकास, एकाग्रता, धैर्य एवं अनुशासन की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से अंडर-10, अंडर-15 एवं अंडर-19 आयु वर्ग की राज्य स्तरीय एकदिवसीय रैपिड शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन होटल हरियाली हेरिटेज, नेताजी चौक, अकलतरा रोड, जांजगीर में भव्य एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए बालक-बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन जिला शतरंज संघ, जांजगीर–चांपा एवं डीबी वेंचर्स, चांपा (धीरेंद्र बाजपेयी ग्रुप) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ चैतन्य निर्मलकर द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके पश्चात मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पण कर दीप प्रज्वलित करते हुए प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन किया।
अपने संबोधन में कलेक्टर श्री महोबे ने कहा कि शतरंज केवल एक खेल नहीं, बल्कि बच्चों के मानसिक एवं बौद्धिक विकास का सशक्त माध्यम है। यह खेल बच्चों में रणनीतिक सोच, धैर्य, शांति तथा सही समय पर निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है और वे भविष्य में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन कर सकते हैं।
प्रतियोगिता में जांजगीर-चांपा, रायपुर, सक्ती, बलौदाबाजार, कोरबा, बिलासपुर, रायगढ़, अंबिकापुर, बस्तर, जशपुर एवं दुर्ग सहित प्रदेश के अनेक जिलों से खिलाड़ियों ने भाग लिया। मुकाबले अत्यंत रोमांचक एवं प्रतिस्पर्धात्मक रहे।
समापन अवसर पर एसडीएम एवं जिला खेल अधिकारी सुब्रत प्रधान द्वारा विभिन्न वर्गों के विजेताओं को ट्रॉफी एवं नकद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। अंडर-10, अंडर-15 एवं अंडर-19 वर्गों में बालक एवं बालिकाओं ने प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त कर प्रतियोगिता को यादगार बना दिया।
आयोजन के सफल संचालन पर आयोजकों ने सभी खिलाड़ियों, अभिभावकों, विद्यालय प्रबंधन एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार की राज्य स्तरीय शतरंज प्रतियोगिताओं के निरंतर आयोजन की बात कही।





