
केंद्र सरकार राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में संशोधन का प्रस्ताव लाएगी। प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य वंदे मातरम् को राष्ट्रगान के समान कानूनी संरक्षण देना है।
🔴 Aaj Ki Baat News | नई दिल्ली
20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में केंद्र सरकार राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ से जुड़ा महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक पेश करने की तैयारी में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस विधेयक को राज्यसभा में पेश करेंगे। प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में बदलाव कर वंदे मातरम् को राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ के समान कानूनी संरक्षण प्रदान करना है।
क्या है प्रस्तावित संशोधन
प्रस्तावित विधेयक के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर वंदे मातरम् के गायन का अपमान करता है, उसके गायन में बाधा उत्पन्न करता है या उसे बाधित करने का प्रयास करता है, तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया जाएगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, दोषी पाए जाने पर तीन वर्ष तक की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान प्रस्तावित है। हालांकि यह प्रावधान विधेयक के संसद से पारित होकर कानून बनने के बाद ही लागू होगा।
मानसून सत्र में होगी चर्चा
सरकार ने इस संशोधन विधेयक को मानसून सत्र के विधायी एजेंडे में शामिल किया है। संसद के दोनों सदनों से पारित होने और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद ही यह कानून प्रभावी होगा।
सरकार का उद्देश्य
सरकार का कहना है कि प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को उचित कानूनी संरक्षण प्रदान करना और उसके सम्मान को सुनिश्चित करना है। फिलहाल यह एक प्रस्तावित विधेयक है, जिस पर संसद में चर्चा और निर्णय होना शेष है।




