नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध, मातृशक्ति के सम्मान और भागीदारी का विरोध : मुख्यमंत्री साय

कांग्रेस और INDI गठबंधन का महिलाओं के अधिकारों के प्रति नकारात्मक रुख उजागर : मुख्यमंत्री
नारी सशक्तीकरण के मुद्दे पर राजनीति करने वालों को देश की महिलाएं समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से देंगी जवाब
रायपुर दिनांक 17 अप्रैल 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से जुड़े 131 वें संविधान संशोधन विधेयक के विरोध को लेकर कांग्रेस और INDI गठबंधन पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि यह विरोध केवल एक कानून का विरोध नहीं है, बल्कि देश की मातृशक्ति के अधिकार, सम्मान और नेतृत्व क्षमता को नकारने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि यह रुख उन करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं और विश्वास पर सीधा आघात है, जिन्होंने अपने सशक्त भविष्य का सपना देखा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में नारी शक्ति को शासन और निर्णय प्रक्रिया के केंद्र में स्थापित करने का ऐतिहासिक कार्य किया जा रहा है। महिलाओं को समान अवसर, राजनीतिक भागीदारी और सशक्त पहचान देने के लिए केंद्र सरकार निरंतर ठोस कदम उठा रही है। ऐसे समय में कांग्रेस और INDI गठबंधन द्वारा इस महत्वपूर्ण विधेयक का विरोध उनकी संकीर्ण मानसिकता और दोहरे मापदंड को उजागर करता है।
उन्होंने कहा कि आज देश की माताएँ और बहनें पूरी सजगता के साथ इस प्रकार के राजनीतिक रुख को देख और समझ रही हैं। नारी सशक्तीकरण के मुद्दे पर राजनीति करने वालों को देश की महिलाएं समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि नारी सशक्तीकरण की यह यात्रा अब रुकने वाली नहीं है। महिलाओं को उनका अधिकार, सम्मान और निर्णय प्रक्रिया में उचित स्थान दिलाना ही सरकार का संकल्प है, जिसे हर परिस्थिति में पूरा किया जाएगा।




