कोसा हत्याकांड का पर्दाफाश: प्रेम प्रसंग में युवक की हत्या, महिला समेत तीन गिरफ्तार

ब्रेन मैपिंग, पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट के सहारे पुलिस ने दो महीने पुरानी गुत्थी सुलझाई, 200 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले
🔴 जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम कोसा में दो महीने से पुलिस के लिए पहेली बनी युवक अमित भंडारी हत्याकांड की गुत्थी आखिरकार सुलझ गई है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि प्रेम प्रसंग ही हत्या की मुख्य वजह बना।
27 जून की रात हुई थी वारदात
पुलिस के अनुसार, 27 जून 2026 की रात थाना मुलमुला क्षेत्र के ग्राम कोसा से अपने घर से निकला युवक अमित भंडारी एक दिन बाद यानी 29 जून को गांव के ही अमहदा तालाब के पास एक निर्जन बाड़ी में मृत पाया गया था। गांव के बीचों-बीच हुई इस हत्या को लेकर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और मृतक के गांव की ही संतोषी सिंह नामक युवती से प्रेम प्रसंग, गांव में जुआ-शराब से जुड़े असामाजिक तत्वों की भूमिका तथा पिछले ग्राम पंचायत चुनाव के विवाद को भी जांच में शामिल किया।
CDR, टावर डंप और CCTV से खंगाली गई कड़ियां
जांच में CDR, IPDR एनालिसिस, टावर डंप, GPS, सीसीटीवी फुटेज जैसे तकनीकी बिंदुओं के जरिए संदेहियों की घटना के समय की लोकेशन के साथ-साथ घटना का मकसद जोड़ा गया। पुलिस के मुताबिक जिला पुलिस कप्तान द्वारा SIT गठित कर तेजी से जांच शुरू कराई गई, जिसमें सामने आए तथ्य चौंकाने वाले थे।
प्रेम प्रसंग और मारपीट में गई जान
पुलिस के अनुसार, मृतक अमित भंडारी का गांव की युवती संतोषी सिंह से विवाह से पहले से ही प्रेम प्रसंग था और विवाह के बाद भी दोनों के बीच बातचीत जारी थी। घटना की रात दोनों करीब रात 1:30 बजे तक फोन पर बात करते रहे, इसके बाद अमित रात करीब 2:30 बजे संतोषी से मिलने उसके घर के पीछे पहुंचा। उसी समय संतोषी का भाई बजरंग सिंह घर लौटा और अपनी बहन के साथ अमित को देखकर आपा खो बैठा। दोनों के बीच मारपीट के दौरान अंधेरे में अमित का सिर दीवार से टकराने से खून बहने लगा, और भागने की कोशिश के दौरान आरोपी बजरंग सिंह ने पास रखे छोटे फावड़े-रापा से उसके सिर और छाती पर वार कर हत्या कर दी।
शव छिपाया, गुमशुदगी का बनाया नाटक
पुलिस के अनुसार, घबराए बजरंग सिंह ने शव को उसी बाड़ी में झुरमुट के नीचे छिपा दिया, क्योंकि उसी रात गांव में चोरी की सूचना पर पुलिस गश्त पर थी। अगले दिन बजरंग ने अपने बड़े भाई पप्पू सिंह को पूरी घटना बताई और दोनों ने मिलकर मृतक के परिजनों के साथ खोजबीन का नाटक करते हुए गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई। बाद में रात करीब 12 बजे दोनों ने शव को गांव के बीचों-बीच ऐसी जगह रख दिया जहां शक न हो।
ट्रैकर डॉग विमला और फॉरेंसिक जांच से खुला राज
पुलिस के अनुसार, बिलासपुर से आई अनुभवी ट्रैकर डॉग विमला के लीड, आरोपियों की लोकेशन, संदिग्ध व्यवहार और बार-बार बदलते बयानों तथा नार्को टेस्ट, पॉलीग्राफ व ब्रेन मैपिंग जांच के बाद जब आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की गई तो उन्होंने घटना कबूल कर ली। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल फावड़ा-रापा और शव ले जाने में उपयोग हुई सीढ़ी भी बरामद कर ली। बजरंग सिंह, संतोषी सिंह और पप्पू सिंह तीनों को विधिवत गिरफ्तार किया गया है, इनमें संतोषी और पप्पू को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है जबकि बजरंग सिंह को पुलिस रिमांड लेकर आगे फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी।




