सक्ती जिले में 6 महीने से मनरेगा सामग्री का भुगतान ठप: चारों ब्लॉकों में करोड़ों रुपये अटके, साहूकारों के तगादे से परेशान सरपंचों ने दी आंदोलन की चेतावनी

जैजैपुर, डभरा, मालखरौदा और सक्ती विकासखंडों में निर्माण कार्य ठप; व्यक्तिगत साख पर मटीरियल उठाने वाले पंचायत प्रतिनिधि मानसिक तनाव में
🔴 आज की बात News | सक्ती। सक्ती जिले के अंतर्गत आने वाले चारों विकासखंडों—जैजैपुर, डभरा, मालखरौदा और सक्ती में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत कराए गए निर्माण कार्यों की सामग्री (मटीरियल) का भुगतान पिछले 6 महीनों से अटका हुआ है। शासन-प्रशासन स्तर पर राशि का आवंटन न होने से ग्रामीण क्षेत्रों के सरपंचों और पंचायत प्रतिनिधियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पंचायतों में करोड़ों रुपये का क्लेम लंबित होने के कारण निर्माण सामग्री की आपूर्ति करने वाले व्यापारी और साहूकार अब सरपंचों के घर पहुंचकर रोजाना तगादा कर रहे हैं।
व्यक्तिगत गारंटी पर उठाई थी सामग्री, अब प्रतिष्ठा दांव पर
ग्राम पंचायतों में नाली निर्माण, आंगनबाड़ी भवन, मुक्तिधाम और पीडीएस गोदाम जैसे आवश्यक विकास कार्यों को सरपंचों ने निर्धारित समय पर पूरा करा लिया था। इन निर्माण कार्यों के लिए सीमेंट, ईंट, छड़ और गिट्टी जैसे सामान स्थानीय व्यापारियों से सरपंचों ने अपनी व्यक्तिगत गारंटी पर उधार लिए थे। छह माह बीत जाने के बाद भी सरकारी भुगतान न होने से व्यापारी अब प्रतिनिधियों पर लगातार दबाव बना रहे हैं। कई सरपंचों को स्थिति संभालने और साहूकारों का ब्याज चुकाने के लिए अपनी निजी संपत्ति तक गिरवी रखने की नौबत आ गई है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि गांवों में उनकी सामाजिक साख प्रभावित हो रही है और वे भारी मानसिक तनाव के दौर से गुजर रहे हैं।
नए विकास कार्य ठप, सप्लायर्स ने बंद किया सामान देना
पुराना बकाया भुगतान नहीं होने के कारण सप्लायर्स और स्थानीय दुकानदारों ने चारों ब्लॉकों की ग्राम पंचायतों में निर्माण सामग्री की नई सप्लाई पूरी तरह बंद कर दी है। इसके चलते जिले के ग्रामीण अंचलों में चल रहे विकास कार्य पूरी तरह से ठप पड़ गए हैं।
सरपंच संघ ने दी जिला मुख्यालय घेराव की चेतावनी
स्थिति को लेकर सरपंच संघ में भारी आक्रोश है। पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रशासन को चेताया है कि यदि मनरेगा के लंबित मटीरियल भुगतान की राशि शीघ्र जारी नहीं की गई, तो जैजैपुर, डभरा, मालखरौदा और सक्ती ब्लॉक के सभी सरपंच लामबंद होकर उग्र आंदोलन करेंगे और सक्ती जिला मुख्यालय का घेराव करेंगे।




